पिसावां क्षेत्र में गड्ढा खोदकर निकला जा रहा शव।
- फोटो : पिसावां क्षेत्र में गड्ढा खोदकर निकला जा रहा शव।
पिसावां (सीतापुर)। इलाके के भिठौरा गांव स्थित रामजानकी मंदिर में लगभग तीन माह पूर्व शरीर त्यागने वाले महंत रघुवीर दास का शव बुधवार को समाधि खोदकर निकाला गया। कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हुई। इसके बाद शव को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
महंत रघुवीर दास का निधन बीते 10 अक्तूबर को हुआ था। उनके निधन की खबर के बाद अयोध्या, नैमिष सहित अन्य जगहों से कई संत व महात्मा एकत्र हुए थे। महंत रघुवीर दास के पार्थिव शरीर को मंदिर परिसर में स्थित व्यास गद्दी के पास समाधि बनाकर दफन किया गया था। इसके बाद बड़ी छावनी अयोध्या के जयराम दास को राम जानकी मंदिर का गद्दीधर नियुक्त कर दिया गया था। मामले में संत रघुवीर दास के गुरु भाई माधव दास ने कोर्ट में हलफनामा दिया कि महंत रघुवर दास बीमारी से पीड़ित थे। वह नशे का इंजेक्शन लिया करते थे। कुछ लोगों ने उनको गलत इंजेक्शन लगा दिया। उन्होंने साजिशन महंत की हत्या का आरोप लगाया।
इसके बाद कोर्ट के आदेश पर एसडीएम महोली देवेंद्र मिश्र के साथ पुलिस की मौजूदगी में बुधवार को शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीओ महोली नागेंद्र चौबे ने बताया कि महंत माधवदास की तहरीर पर ससुर्दीपुर निवासी रामशरण, मन्नू, रामभूषण दास (भिठौरा),महम्दापुर निवासी दिन्नू मिश्रा व कुछ अन्य ग्रामीणों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच की जा रही है।
रामजानकी मंदिर के नाम 250 बीघा जमीन
जानकारी के मुताबिक पिसावां क्षेत्र के भिठौरा गांव में स्थित रामजानकी मंदिर में 250 बीघा जमीन है। जिसको आसपास के किसानों ने ठेके पर ले रखा है।रघुवर दास के निधन के बाद कई लोगों ने पीठाधीश्वर होने का दावा किया था। इस बात पर कोई भी संतोषजनक निर्णय नहीं हो सका था। इसी बीच बढ़ते दावेदारी को लेकर महोली नायाब तहसीलदार महेंद्र कुमार को राम जानकी मंदिर का संरक्षक नियुक्त कर दिया गया था। अब यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी है।