सीतापुर। जिले के किसानों को खरीफ की फसलों को उगाने में कोई दिक्कत न आए। वह बेहतर ढंग से गुणवत्तापरक खेती करके अपनी आमदनी में इजाफा कर सकें। इसके लिए कृषि विभाग 27 मई से 13 दिन तक 1599 गांवों में किसान पाठशालाओं का आयोजन करेगा। इसमें कई विभागों के प्रतिनिधि आधुनिक खेती के गुर सिखाएंगे। उप निदेशक कृषि डाॅ. एसके सिंह ने बेहतर ढंग से पाठशालाएं संचालित करने के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिए हैं।
द मिलियन फार्मर्स स्कूल कार्यक्रम का सातवां संस्करण 27 मई से शुरू होगा। इसके तहत खरीफ सत्र की किसान पाठशालाओं का आयोजन 27 मई से आठ जून तक किया जाएगा। उप निदेशक कृषि डाॅ. एसके सिंह ने बताया कि किसान पाठशालाओं में किसानों को जिले की प्रमुख खरीफ फसलों की उत्पादन की तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
बीते साल की तरह इस बार भी सभी किसान पाठशालाओं में कृषि के साथ ही पशुपालन, उद्यान, गन्ना और अन्य अनुषांगिक विभागों के प्रतिनिधि अपने विभाग द्वारा चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएंगे। किसान पाठशालाओं की सफलता को देखते हुए शासन के निर्देशानुसार सातवीं बार किसान पाठशालाओं का आयोजन कराया जा रहा है।
हमारा प्रयास है कि किसानों को आधुनिक कृषि में हो रहे बदलावों के बारे में पता चलता रहे। इस बार किसान पाठशालाओं के पाठ्यक्रम में खरीफ की प्रमुख फसलों की खेती के साथ ही श्रीअन्न, प्राकृतिक, जैविक खेती, कृषक उत्पादक संगठन जैसे नवीनतम विषयों को सम्मिलित किया गया है। जिले में दलहन व तिलहन का क्षेत्राच्छादन बढ़ाने का प्रयास भी किसान पाठशाआलों के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने सभी किसानों से अनुरोध किया है कि आयोजित किसान पाठशालाओं में अपनी ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग कर कृषि और सहयोगी विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी और लाभ प्राप्त करें।