रामपुर मथुरा में बालक की मौत के बाद विलाप करते परिजन।
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। नौ दिन से लापता एक बालक का बुधवार को क्षतविक्षत शव मिला है। शव को कुत्तों ने नोंचकर खा लिया था। सिर्फ चेहरा पहचान में आ रहा था। शरीर के कई हिस्से कंकाल में तब्दील हो गए थे। परिवारीजन ने एक दुकानदार सहित तीन लोगों पर अगवा कर हत्या करने का आरोप लगाया है। इस वारदात में रामपुर मथुरा पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
बालक सात जनवरी को लापता हो गया था। पिता ने अगले ही दिन थाने पर सूचना दी पर सुनवाई नहीं हुई। एएसपी महेंद्र सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रामपुर मथुरा के बांसुरा निवासी तौफीक का बेटा अरमान (12) सात जनवरी को गांव के चौराहे पर बबलू की दुकान पर कुछ सामान लेने गया था। तौफीक के अनुसार देर होने पर उसने छोटे बेटे फरहान को पता लगाने के लिए भेजा।
आरोप है कि इस पर दुकानदार बबलू ने फरहान को डांट कर भगा दिया। कुछ देर बाद जब तौफीक वहां तो बबलू की दुकान बंद थी। इस पर उसे संदेह हुआ तो उसने आठ जनवरी को थाने में सूचना दी। कार्रवाई न होने पर उसने एसपी से भी गुहार लगाई। पर सुनवाई नहीं हुई। 14 जनवरी को पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। इस बीच दुकानदार को पुलिस ने पकड़ कर छोड़ दिया था।
बुधवार को कुछ ग्रामीणों ने बांसुरा गांव के पूरब पेट्रोल पंप के करीब एक बालक का क्षतविक्षत शव देखा। इस पर तौफीक को सूचना दी गई। तौफीक ने मौके पर पहुंचकर शव की अपने बेटे के रूप में पहचान की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सूचना पर एएसपी महेंद्र सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
इस मामले में पुलिस ने गुमशुदगी का मामला तरमीम कर तीन लोगों के खिलाफ अगवा कर हत्या करने जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में बांसुरा निवासी बबलू, बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के सौरंगा निवासी समीउल्ला, इसी क्षेत्र के क्योटला मझारी निवासी बाबू को नामजद किया गया है। इनकी तलाश की जा रही है। घटना के पीछे जमीन रंजिश का मामला बताया जा रहा है।