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Sitapur News: मुनाफे के झांसे में जमीन, खेत व गहने गिरवी रख किया निवेश

Tue, 11 Nov 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। मेरा जिम का कारोबार अच्छा चल रहा था। प्रतिदिन 15 से 16 घंटे मेहनत कर ठीक आमदनी हो जा रही थी। अक्तूबर 2024 में बॉम्बिटेक्स एक्सचेंज व बीमैक्स रियल्टी के बारे में पता चला। अपने परिचितों के माध्यम से करीब एक करोड़ रुपये की रकम इसमें निवेश कर दी। इसके लिए घर में रखे गहने, जिम के कारोबार व अन्य माध्यमों से लोन लेकर भी निवेश किया।
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शुरुआत में सब कुछ ठीक चला। इसके बाद जून 2025 में कंपनी के सीईओ जय प्रकाश मौर्या ने खुद के साथ ठगी होने की बात बताई। इसके बाद निवेश रकम के सापेक्ष 15 प्रतिशत का लाभांश मिलना बंद हो गया। तब जाकर खुद के साथ ठगी का एहसास हुआ। यह पीड़ा ठगी का शिकार बने शहर के कारोबारी आकाश चौधरी बताई। आकाश की तरह ही सैकड़ों अन्य लोग भी बॉम्बिटेक्स एक्सचेंज व बीमैक्स रियल्टी की फर्जी स्कीम का शिकार बने हैं।
क्रिप्टो करंसी और फाॅरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर हर महीने मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर जालसाजों ने करीब तीन हजार लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ किया है। जब वादे के मुताबिक तय रकम मिलना बंद हुई तब लोगों को ठगी का अहसास हुआ। जब तक लोग कुछ समझ पाते, इन्हें ठगने वाला दुबई जाकर बैठ गया। इस मामले में अब तक तीस लोग सामने आकर एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं। शहर कोतवाल अनूप शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच शहर कोतवाली पुलिस व साइबर सेल कर रही है।
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बैंक की नौकरी छोड़ किया निवेश, अब डिप्रेशन का शिकार
शहर निवासी जनमेजय मिश्रा ने बैंक की अच्छी खासी नौकरी छोड़कर इस कंपनी की स्कीम में 30 लाख रुपये का निवेश कर दिया। जून माह में कंपनी के भाग जाने का पता चला। तबसे जनमेजय उदास रहने लगे। धीरे धीरे वह डिप्रेशन का शिकार हो गए। अब परिजन उनका इलाज करवा रहे हैं। कुछ ऐसी ही कहानी विराट राठौर की है। विराट पहले एक निजी कंपनी में मार्केटिंग कर अच्छी आमदनी कमा रहे थे। अक्तूबर 2024 से मुनाफे के चक्कर में बॉम्बिटेक्स के साथ जुड़ गए। खुद निवेश करने के साथ ही टीम बनाकर कई लोगों से निवेश कराया। उन्होंने खुद लोन लेने के साथ लोगों को मोटे मुनाफे की बात बताकर करीब 71 लाख रुपये का निवेश कराया। अब बैंक के रिकवरी एजेंट और निवेशक फोन कर पैसा वापस मांग रहे हैं।

पंजीकृत एक्सचेंज के माध्यम से ही करें निवेश
केंद्र सरकार में पंजीकृत एक्सचेंज ही निवेश के लिए सुरक्षित होते हैं। इस तरह के एक्सचेंज का कोई पंजीकरण नहीं होता है। सिर्फ इनके पास लुभावन वादे होते हैं, जो अंत में ठगी का सबब बनते हैं। जालसाज फर्जी ट्रेडिंग एप या वेबसाइट के जरिये यह ठगी करते हैं। इस केस में लोगों को यूजर आईडी देकर ठगी की गई। इस मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
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- आलोक सिंह, एएसपी उत्तरी
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