सीतापुर। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पिसावां में शिक्षिकाएं बालिकाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। वार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं जांचे बिना ही उनको रिजल्ट दे दिया। जब मामला पकड़ में आया तो सुधार करने की चेतावनी दी, उसके बावजूद पूरे मामले में लीपापोती कर दी गई। शिक्षिकाएं एडवांस में हस्ताक्षर करके गायब मिली। इस पर पांच शिक्षिकाओं की संविदा समाप्त करने की बीएसए ने नोटिस दी है। पांच दिन के अंदर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए है।
डीसी बालिका शिक्षा शैलेश कुमार गुप्ता ने कस्तूरबा विद्यालय पिसावां का 27 अप्रैल को निरीक्षण किया तो यहां पर हर कदम पर कमियां ही कमियां मिली। वार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं किया गया, जबकि परीक्षाफल घोषित कर दिया गया। विद्यालय में छात्राओं की संख्या बेहद कम मिली।
निरीक्षण के समय कक्षा सात में छठा घंटा रूचि अग्निहोत्री का था। लेकिन वह कक्षा में न होकर घर जाने की तैयारी में थी। विद्यालय में समय सारिणी नहीं बनी थी। नये नामांकन पत्र अधूरे ही पड़े हुए थे। विद्यालय में गंदगी फैली मिली, सफाई कर्मचारी गैर हाजिर मिला। सात मई को डीसी ने दोबारा विद्यालय का निरीक्षण किया तो पहले मिली कमियों को भी सही नहीं किया गया। रिजल्ट बनाने में लीपापोती कर दी गई। वार्डेन व अन्य शिक्षिकाओं में तालमेल की कमी दिखी।
कोई सही जवाब न देकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रही थी। पूर्णकालिक शिक्षिका अंजली 30 अप्रैल को सुबह ही 7.23 बजे दोनों समय के हस्ताक्षर करके घर चली गई। इस पर बीएसए ने वार्डेन कम शिक्षिका पूनम, पूर्णकालिक शिक्षिका सीमा देवी, पूर्ण कालिक शिक्षिका अंजली, अंशकालिक शिक्षिका रूचि को संविदा समाप्त करने की नोटिस दी है। बीएसए अजीत कुमार ने बताया पांच दिन के अंदर अगर संतोषजनक जवाब नहीं आया तो इनकी सेवा भी समाप्त कर दी जाएगी।