सीतापुर। गोंदलामऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायत हिंडौरा की नंदी गोशाला में भ्रष्टाचार की जांच शुरू हो गई है। गोशाला के बैंक खाते से सचिव के निलंबन के बाद आठ लाख 36 हजार 250 रुपये निकाले गए थे। इस मामले की डीएम डॉ राजा गणपति आर से शिकायत हुई थी। उनके निर्देश पर जांच शुरू हुई है। गोशाला के बैंक खातों की डिटेल के अनुसार गोशाला संचालक ने अपने परिवार के ही लोगों के नाम चारे की रकम हस्तांतरित कर दी है। इसमें उनके परिवार का एक हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है। डीएम के आदेश पर इन सभी तथ्यों की जांच शुरू हो गई है।
शिकायतकर्ता नीतू ने बताया कि वह ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या 12 से पंच हैं। उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत के विकास कार्याें का ब्यौरा निकलवाया। इसमें ग्राम पंचायत नंदी गोशाला नाम से इंडियन बैंक का खाता संचालित है। 21 जनवरी को डीएम ने प्रधान श्यामा देवी के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश में सचिव हरदासी राणा को दोषी मानकर निलंबन व एफआईआर के निर्देश शामिल थे। इसके बावजूद 23 जनवरी को 8 लाख 36 हजार 250 रुपये निकाले गए।
उन्होंने बताया कि इस गोशाला की गहनता से पड़ताल की तो पता चला कि इस गोशाला के हरा चारा, भूसे, साइलेज, कपिला पशु आहार व अन्य की खरीद में प्रधान के मोबाइल नंबर के स्थान पर एक प्राइवेट नंबर 8299052445 पर डिमांड के लिए ओटीपी भेजा जाता रहा। इसी नंबर से गोवंशों की उपस्थिति व डिमांड सत्यापन का खेल जारी रहा। इस वर्ष 12 मार्च तक करीब ढाई साल तक इस नंबर पर खेल चलता रहा। नीतू ने आरोप लगाया कि बीडीओ गोंदलामऊ व उप मुख्य चिकित्साधिकारी की जानकारी में ही यह क्रम जारी रहा।
वहीं, इस नंबर को चलाने वाले संचालक अश्वनी कुमार उर्फ प्रांजुल ने अपने ही परिवार के जानकी प्रसाद, सची विक्रम दुबे, प्रखर द्विवेदी, मुकेश कुमार व हिस्ट्रीशीटर राजीव द्विवेदी उर्फ मुनेंद्र द्विवेदी के खाते में चारा, भूसा, कपिला पशु आहार व अन्य के नाम पर 20 मार्च 2024 से 7 जनवरी 2026 तक कुल 63 लाख, 71 हजार 400 रुपये हस्तांतरित कर दिये। यह रकम इन सभी लोगों के इंडियन बैंक के रालामऊ व संदना बैंक शाखा के खातों में भेजी गई। इसमें टेंडर नीति का भी पालन नहीं हुआ। नीतू ने बताया कि राजीव पर संदना थाने में गुंडा एक्ट, एससी एसटी एक्ट व अन्य गंभीर मामलों में नौ एफआईआर दर्ज हुई थीं। डीएम से मामले की शिकायत की है।
डीएम के आदेश के बाद भी जारी रहा लेनदेन
नीतू का आरोप है कि डीएम ने सचिव के निलंबन व प्रधान के अधिकार सीज करने के बाद एफआईआर के आदेश दिए थे। इसके बावजूद बीडीओ व एडीओ ने इंडियन बैंक की संदना शाखा के अधिकारियों को इसकी जानकारी सही समय पर नहीं दी। इसी वजह से भ्रष्टाचार के आरोपियों को गोशाला के खाते में आई सरकारी धनराशि के आहरण का मौका मिल गया।
मैं गोशाला बंद करवा दूंगा...ऑडियो वायरल
इस प्रकरण को लेकर एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इसकी पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करता है। इस ऑडियो में एक शख्स किसी दूसरे शख्स से बात कर रहा है। इसमें हिंडौरा मामले में बनी कमेटी में एक जिला स्तरीय अधिकारी व ब्लॉक के अधिकारी को रकम लेन देन करने का जिक्र है। इस पर दूसरा शख्स गोशाला को छोड़कर बंद कर जाने की बात कह रहा है। इस मामले में शिकायतकर्ता नीतू के अनुसार वायरल ऑडियो में एक शख्स गोशाला संचालक से बात कर रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई तय
इस मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इसमें दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मेरे आदेश के बाद किन परिस्थितियों में पैसा निकला है। इसकी गहनता से जांच होगी। दोषियों पर एफआईआर कराई जाएगी।
- डॉ राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर