महमूदाबाद (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में गुरुवार को अपने मामा और बहन के साथ बाइक पर सवार होकर घर लौट रही बालिका की बस की टक्कर से मौत हो गई। हादसे से गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया। नाराज लोग मामले में तत्काल मुआवजा और चालक को सामने लाने की मांग कर रहे थे। हंगामा की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने लोगों को आश्वासन देकर शांत कराया। करीब दो घंटे तक जाम लगने से अफरा-तफरी मची रही।
कोतवाली महमूदाबाद इलाके के उनेरा निवासी रामसजीवन विश्वकर्मा अपनी पत्नी, पुत्री आकांक्षा (10), शिवानी (14) के साथ 10 अक्तूबर को अपने साले के घर मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने बाराबंकी जिले के देवा इलाके के हरई गए थे। जहां से दंपती 11 अक्तूबर को घर चले आए थे, जबकि उनकी दोनों बेटियां वहीं रुक गई थीं।
गुरुवार को दोनों बहनें आकांक्षा और शिवानी ममेरे भाई सत्यम के साथ बाइक से घर आ रहीं थीं। इस बीच महमूदाबाद इलाके में लखनऊ मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास महमूदाबाद की ओर से तेज रफ्तार से आ रही निजी बस ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर बैठी आकांक्षा (10) नीचे गिर गई, इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन मौके पर ही बालिका की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन और ममेरा भाई बाल-बाल बच गया। बालिका की मौत से परिजन और लोग भड़क गए। गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। लोगों की मांग थी कि मामले में तत्काल मुआवजा दिया जाए और बस चालक को मौके पर लाया लाए। काफी देर तक लोगों ने हंगामा, प्रदर्शन किया।
इसके बाद एसडीएम, सीओ, कोतवाल महमूदाबाद, थानगांव, सदरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मनाने के बाद लोग शांत हुए और जाम खत्म किया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। करीब दो घंटे तक हंगामा, प्रदर्शन होने से अफरा-तफरी मची रही। महमूदाबाद इंस्पेेक्टर मुकुल वर्मा ने बताया कि हादसे में बालिका की मौत हुई है। मांगों को लेकर लोगों ने जाम लगा दिया था। आश्वासन देकर शांत कराया गया है। मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।