सीतापुर। अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को शहर कोतवाली व महोली पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर मुजीब अहमद की पौने तीन करोड़ से अधिक की और संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की है। गैंगस्टर ने जमीन को अपने नौकर के नाम कर दी थी। पुलिस की जांच में मामला सामने आने के बाद डीएम के आदेश पर शनिवार को पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
शनिवार को एएसपी नार्थ डॉ. राजीव दीक्षित, सीओ सिटी पियूष कुमार सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह, महोली कोतवाल अनूप शुक्ला पुलिस बल के साथ बाईपास पर हाईवे के पास स्थित लक्ष्मणपुर गांव के करीब पहुंचे, जहां पर पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में एक प्लाट और तीन बाइकों को जब्त करने की कार्रवाई की गई है। शहर कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि डीएम के आदेश के बाद गैंगस्टर पर कार्रवाई की गई है। जब्त की गई संपत्ति को अपराध से अर्जित किया गया था। जांच में पूरा मामला सामने आया। इसके बाद कार्रवाई की गई। जब्त की गई जमीन की कीमत करीब दो करोड़ 85 लाख है। तीन बाइकों की कीमत एक लाख 80 है।
कोतवाल ने बताया कि जब्त की जमीन और बाइक शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला बट्सगंज निवासी मुजीब अहमद की है। मुजीब शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ कोतवाली में गैंगस्टर का केस दर्ज है, इससे पहले भी पिछले साल करोड़ों की कोठी और अन्य संपत्ति को जब्त किया गया था। अभी हाल ही में महोली में उसके करीबियों के नाम दर्ज संपत्ति को जब्त किया गया है। यह प्रॉपर्टी भी उसी की थी।
शनिवार को जब्त की गई संपत्ति को गैंगस्टर मुजीब ने शहर कोतवाली के बट्सगंज निवासी गौरीशंकर के नाम लक्ष्मणपुर में दर्ज करा रखी थी। जबकि जब्त की गई बाइकें महोली के गजपतिपुर निवासी राहुत हुसैन, रियाजुल हुसैन, साबिर अली के नाम पर दर्ज थीं। जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत पौने तीन करोड़ से अधिक की है। आगे भी जांच जारी रहेगी। अपराध से अर्जित संपत्ति के बारे में पता चलने पर उसे भी जब्त करने की कार्रवाई पुलिस करेगी।
गैंग का लीडर है मुजीब
एएसपी नार्थ डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि मुजीब मूल रूप से महोली के गजपतिपुर का निवासी है। वह एक संगठित गिरोह बनाकर अपने व गैंग के सदस्यों के जरिए अपराध करता है। मुजीब आपराधिक गैंग का लीडर है। सरकारी जमीनों पर कब्जा, नशे का कारोबार, दुकानों से अवैध वसूली करना, अवैध वाहन स्टैंड बनाकर वसूली करने आदि के मामले उस पर दर्ज हैं। उसकी आय का कोई ज्ञात स्रोत नहीं था।