सीतापुर। मानपुर के मखुवापुर निवासी छात्रा शालू मिश्रा (18) की मौत के मामले में पुलिस ने नए सिरे से विवेचना के साथ जांच शुरू की है। विवेचक कबीर अहमद ने मृतका के भाई जानू मिश्रा के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर घटनास्थल का नजरी नक्शा बनाने के साथ वादी के बयान भी दर्ज किये। छात्रा की मौत के दो माह बाद घर से मिले छात्रा के सुसाइड नोट के बाद पुलिस ने यह जांच शुरू की है। जल्द ही पुलिस मृतका के गांव में रहने वालों के साथ आरोपियों के बयान भी दर्ज करेगी।
मृतका के भाई जानू मिश्रा ने बताया कि उनकी बहन 13 अक्तूबर को घर पर ही आग की चपेट में आकर झुलस गई थी। वहीं, 15 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में गांव निवासी वर्षा मिश्रा, निरंजन शर्मा और हरदोई के सारीपुर निवासी अंकित तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वादी जानू मिश्रा के अनुसार वह लखनऊ में रहते हैं। इसलिए उन्हें घटना के करीब दो माह के बाद घर की सफाई के समय बहन का लिखा सुसाइड नोट मिला था। इसके बाद ही आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस ने सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भी भेजा है। जांच में हैंडराइटिंग मृतका की हैंडराइटिंग से मैच हो जाने पर आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसेगा। मृतका के चाचा मनीष ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों की तरफ से लोग उन्हें शांत रहने के लिए धमका रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी निरंजन शर्मा के भाई ही गांव में प्रधानी का काम काज संभालते हैं। हालांकि पुलिस ने निष्पक्ष जांच की बात कही है।