सीतापुर के जिला अस्पताल में डायलिसिसि कराता मरीज। -संवाद
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सीतापुर। जिला अस्पताल में डायलिसिस का ट्रायल सफल हो गया है। अब सोमवार से इसकी विधिवत शुरुआत हो जाएगी। इससे गुर्दे के गंभीर मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए महंगा खर्च नहीं उठाना पड़ेगा न ही उन्हें लखनऊ की भागदौड़ करनी पड़ेगी। जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिसि यूनिट शुरू की गई है। इसके संचालन की काफी अरसे से मांग की जा रही थी।
दो दिन पहले इस यूनिट का ट्रायल शुरू हुआ था। इस दौरान कई मरीजों की डायलिसिस की गई। ट्रायल में यह यूनिट पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त मिली। यूनिट में लगी सभी मशीनें क्रियाशील हैं। वह बेहतर तरीके से कार्य कर रही हैं। साथ ही चिकित्सक डॉ. अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में ट्रायल किया गया। इस सफलता के बाद अब इस यूनिट की विधिवत शुरुआत होगी। सोमवार को सांसद राजेश वर्मा इस यूनिट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इससे गुर्दे के मरीजों को अब निजी अस्पतालों में महंगे खर्च से निजात मिलेगी। वह आसानी से सीतापुर के अस्पताल में ही इलाज करा सकेंगे।
गुर्दे के मरीजों को होती है जरूरत
जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. गौरव मिश्रा का कहना है गुर्दे से परेशान मरीजों को डायलिसिस कराने की जरूरत होती है। जब गुर्दे सही तरीके से काम नहीं करते हैं तो चिकित्सक डायलिसिस कराने की सलाह देते है। एक मरीज को डायलिसिस कराने में कम से कम तीन से चार घंटे लगते हैं। सप्ताह में दो से तीन बार भी मरीजों को इसकी जरूरत पड़ सकती है। हालांकि यह मरीज के गुर्दे की स्थिति पर निर्भर करता है।
सफल रहा ट्रायल
जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का ट्रायल सफल हो गया है। सोमवार से यह यूनिट क्रियाशील हो जाएगी।-डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल