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Sitapur News: घटता-बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा गांजरवासियों की चिंता

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जायजा लेते डीएम
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सीतापुर। सरयू और शारदा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से गांजर क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। शनिवार को सरयू का जलस्तर 10 सेंटीमीटर घटकर 118.20 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 119 मीटर से 80 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, शारदा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़कर 135.15 मीटर हो गया। शारदा का पानी खतरे के निशान 135.49 मीटर से महज 34 सेंटीमीटर नीचे है।
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रामपुर मथुरा क्षेत्र में सरयू की लहरें शुकुलपुरवा के मजरा नागेश्वरपुरवा के पास धीमी गति से खेतों का कटान कर रही हैं। कटान तेज होने की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं। वहीं, नदी की तलहटी में बसे प्यारेपुरवा गांव के पास पानी भरा होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
तीन बैराजों से छोड़ा गया 3.45 लाख क्यूसेक पानी
बैराजों से मंगलवार को 3.45 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके गांजर क्षेत्र में पहुंचने पर तटवर्ती गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ सकता है। अंगरौरा के मीटर गेज पर शनिवार को सरयू का जलस्तर 118.20 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार की तुलना में जलस्तर 10 सेंटीमीटर कम हुआ है।
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शनिवार को शुकुलपुरवा, नागेश्वरपुरवा, अंगरौरा और अखरी समेत कई तटवर्ती गांवों में सीएचसी की टीम ने दवाओं का वितरण किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिवकांत ने बताया कि गांवों में टीकाकरण के साथ बुखार और अन्य बीमारियों की दवाएं भी वितरित की जा रही हैं।
रेउसा क्षेत्र में सरयू का जलस्तर घटने से फिलहाल बाढ़ का खतरा कम हुआ है। हालांकि शारदा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में कटान और बाढ़ की चिंता बनी हुई है। बिसवां तहसील प्रशासन क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रहा है।
किस बैराज से कितना पानी छोड़ा गया
घाघरा बैराज : 1,34,435 क्यूसेक
शारदा बैराज : 1,49,878 क्यूसेक
बनबसा बैराज : 61,628 क्यूसेक
कटान रोधी कार्यों का डीएम ने लिया जायजा
डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने शनिवार को लहरपुर क्षेत्र में शारदा नदी के दाएं किनारे बसंतापुर और लखनीपुर में चल रहे कटान रोधी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर और क्षेत्रीय लेखपाल को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। डीएम ने ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं, विद्यालयों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद खानामड़ोर गांव पहुंचकर नदी के अपस्ट्रीम में तत्काल कटान रोधी कार्य शुरू कराने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए। उन्होंने एसडीएम लहरपुर धामिनी दास को आपात स्थिति में प्रभावित ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल भी मौजूद रहे।

जायजा लेते डीएम

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