सांडा (सीतापुर)। गर्मी बढ़ने के साथ अग्निकांड की घटनाओं में इजाफा शुरू हो गया है। रविवार को सकरन इलाके में एक घर में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया। कुछ ही देर में बेकाबू लपटों में आकर 35 से अधिक घर जलकर राख हो गए। अग्निकांड में तीन बकरियों भी जिंदा जल गईं। एक युवक भी झुलस गया। करीब दो घंटे की देरी से दमकल की टीम मौके पर पहुंच सकी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। अग्निकांड में करीब 50 लाख के नुकसान का आंकलन किया गया है।
सकरन कस्बे में रविवार दोपहर करीब एक बजे कल्लू राजपूत के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। कुछ ही देर में आग की लपटें बेकाबू हो गईं। देखते ही देखते आग ने कल्लू, बहादुर, उमेश, बाबूराम, खगेश्वर, बुद्धा, गुफरान, विनोद, सकटू, पिंकू, रिंकू, संदीप, झुर्रीलाल, मुनीजर, रवि, ब्रजकिशोर, अवधराम, बिंद्रा, पप्पू, बदलू, सुंदर, शिवबालक आदि के घरों को भी चपेट में लिया। अग्निकांड से चारों ओर अफरातफरी का माहौल बना रहा। लोग अपनेे घरों को बचाने में जुट गए। तेज हवा के कारण आग बुझाने में दिक्कतें आ रही थीं।
आग लगने की सूचना दमकल की टीम को दी गई, लेकिन सूचना देने के बाद भी फायर बिग्रेड की गाड़ी समय से मौके पर नहीं पहुंच सकी। ग्रामीणों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में संदीप की तीन बकरियां जिंदा जल गईं। आग पर काबू पाने के प्रयास में गांव का निवासी विनोद महरा झुलस गए।
सूचना देने के करीब दो घंटे की देरी से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। इसको लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी भी जताई। पीड़ितों ने बताया कि आग की चपेट में आकर घरों में रखा कपड़ा, बर्तन, जेवर, अनाज, नकदी समेत गृहस्थी का सारा सामान जलकर खाक हो गया। पीड़ितों के अनुसार, अग्निकांड में करीब 50 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल बृजेश वर्मा ने नुकसान का आंकलन कर आर्थिक मदद दिलाने की बात कही है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर सही समय पर फायर ब्रिगेड टीम पहुंचती तो आग पर काबू पाया जा सकता था। इसको लेकर लोगों में गुस्सा भी देखने को मिला है।
मौके पर दमकल की टीम को समय से भेजा गया था, लेकिन कई जगह अग्निकांड होने की वजह से देर हो गई थी। इसलिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से पहुंच सकी।
- एनपी सिंह, सीएफओ