जहांगीराबाद। केवानी नदी में उफान से जहांगीराबाद सहित आसपास के 10 से अधिक गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। करीब एक सप्ताह से खेतों में पानी भरा होने के कारण 500 बीघा से अधिक क्षेत्र में धान, उड़द, मक्का, अरहर, ज्वार और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि कई फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन अब तक क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित नहीं किया गया है।
किसान विजय कुमार ने बताया कि नदी में पानी छोड़े जाने से हर वर्ष फसलों को नुकसान होता है, लेकिन इस बार कई वर्षों बाद इतनी गंभीर स्थिति बनी है। धान, उड़द और अरहर की फसल डूबकर नष्ट हो गई, जबकि मक्का, ज्वार और गन्ने को भी भारी क्षति पहुंची है। मंगूलाल गौड़ ने बताया कि करीब एक सप्ताह से खेतों में पानी भरा है। पानी में डूबी फसलें बर्बाद हो गई हैं। अनूप कुमार, संजय कुमार व वेद प्रकाश इत्यादि ने बताया कि पानी भरने से खेत में तैयार मक्का, धान, उड़द, अरहर, ज्वार व मक्का समेत गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने जहांगीराबाद, छठवान, देवरिया खुर्द सहित प्रभावित गांवों को बाढ़ प्रभावित घोषित करते हुए फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया है।
बाढ़ राहत किट दिए जाने की मांग
लहरपुर। कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही ने शनिवार को क्षेत्र के ग्राम दोनवा, डंडपुरवा, दहेली, पट्टी, कुसेपा, नाउन पुरवा, रमपुरवा, रतौली, मुसियाना, सोंसरी आदि गांवों का भ्रमण कर लोगों की बात को सुना और उनकी शिकायतों को सुनकर निस्तारण का आश्वासन दिया। भ्रमण के दौरान अधिकांश ग्रामीणों ने बाढ़ राहत किट और धान की फसल के नुकसान का सर्वे कर मुआवजा दिए जाने की मांग की। तमाम ग्रामीणों ने पेंशन ने मिलने की भी शिकायत की।