जंगली जानवर के हमले से घायल हुई सिबका । संवाद
सीतापुर। बिसवां वन रेंज के थानागांव इलाके में ग्रामीणों में जंगली जानवर की दहशत है। मजरा कर्बलापुरवा की महिलाओं ने शनिवार शाम बाघ की दहाड़ सुनने का दावा किया।
शौच गईं महिलाओं ने बताया कि दहाड़ सुनकर वे गांव की ओर भाग खड़ी हुईं। गांव में खबर देने पर भारी संख्या में ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से लैस होकर टॉर्च व टायर जलाकर आसपास के खेतों में देखा, लेकिन कोई जानवर नजर नहीं आया।
ग्रामीणों का दावा है कि रात में कई बार बाघ की दहाड़ सुनाई देती रही, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार से बैजवारी गांव में जंगली जानवर के हमले की घटना के बाद दहशत और बढ़ गई है। एक मासूम बच्ची लापता है, दूसरी बच्ची को परिजनों ने जंगली जानवर के मुंह से छुड़ाकर बचाया था, जिसका उपचार चल रहा है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र में प्रभावी कॉम्बिंग अभियान चलाते हुए जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की है। बिसवां रेंजर अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक किसी जंगली जानवर के पगचिह्न नहीं मिले हैं। फिर भी जंगली जानवर की तलाश में लगातार कॉम्बिंग की जा रही है।
बैजवारी में फिर जंगली जानवर का हमला, बच्ची जख्मी
बैजवारी गांव में शनिवार रात फिर जंगली जानवर ने हमला कर पांच माह की बच्ची को जख्मी कर दिया। अरुण कुमार शुक्ला अपनी पत्नी व बेटी सिबका (5 माह) के साथ छत पर लेटे थे। अरुण के मुताबिक रात करीब एक बजे अचानक किसी जंगली जानवर ने हमला कर दिया। शोर मचाने पर जानवर भाग गया। हमले में मासूम बच्ची जख्मी हो गई है।