सीतापुर। किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों पर सोमवार को जमकर निशाना साधा। किसान आंदोलन को फसल व नस्ल से जोड़ते हुए इसे 33 माह तक चलाने का ऐलान किया। तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी तक घर न जाने की बात कही। योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी से गुंडागर्दी समाप्त करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
राकेश टिकैत सोमवार को शहर के आरएमपी मैदान पर आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। करीब 45 मिनट के भाषण में केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ हल्ला बोला। राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी के पंचायत चुनाव में गुंडागर्दी देखनी को मिली। सरकार ने एक-एक जिला पंचायत सदस्य के घर पर दरोगा को बैठा दिया गया। पटवारी नाप करने के लिए तैयार रहे। जब तक वोट नहीं मिल गया, हर जतन करते रहे।
अगर किसी ने न कर दी तो उनके घर की नाप करके उसे अवैध घोषित कर बुलडोजर चलवा दिया। इस आंदोलन में भी आए किसान समझ लें। यहां से जाने के बाद जिला प्रशासन आपकी गाड़ी का नंबर नोट करके घर पर नोटिस भेजेगा। लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं है। आजादी 90 वर्षों बाद मिली थी। इस दौरान लाखों लोग शहीद हो गए थे। तमाम यातनाएं झेली। क्या इससे आंदोलन कमजोर पड़ा था... इसी तरह हमें अपना यह आंदोलन आगे ले जाना है। इस दौरान तमाम बाधाएं आएंगी। लेकिन किसी भी मुसीबत से डरने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी आंदोलन नहीं कर पाएगी। इसलिए इस आंदोलन से जुड़कर इसे सफल बनाएं। जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं लिए जाते है। यह आंदोलन अनवरत चलता रहेगा। उन्होंने किसानों को आगाह किया। किसी भी दिन आंदोलन की धमाकेदार शुरुआत हो सकती है। इसलिए इसके लिए हर समय तैयार रहें। अपने ट्रैक्टर को तैयार रखें।
सरकार को दिलाएंगे झूठ का स्वर्ण पदक
राकेश टिकैत ने प्रदेश सरकार की चार साल की उपलब्धियों पर निशाना साधा। कहा, चार साल में गन्ने का एक भी रुपये नहीं बढ़ाया। महंगाई चरम पर है। अब झूठ बोलकर उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार को हम झूठ का स्वर्ण पदक दिलाएंगे।
केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पहले फैक्टरी बन जाती है, उसके बाद सरकार नीतियां बनाती है। पार्लियामेंट बिक चुकी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में किसान आंदोलन को कुचलने के लिए हरसंभव प्रयास किए। लेकिन किसानों के बुलंद हौसले के आगे वह इसे डिगा नहीं सकें।