सीतापुर। मौसम का मिजाज सर्द होता जा रहा है। सुबह-शाम ठंड का अहसास होने लगा है। दिन में धूप की तपिश भी कम हुई है। मौसम विशेषज्ञों ने पहाड़ों से जिले में प्रवेश कर रही पछुआ हवा के कारण पारे में और गिरावट का अनुमान जताया है। आने वाले दिनों में सर्दी का असर लगातार बढ़ेगा। मौसम में बदलाव के चलते चिकित्सक भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सोमवार की सुबह हल्की धुंध के बीच हुई। सुबह आठ बजे के बाद धुंध छंटने पर धूप निकली, लेकिन पिछले दिनों की अपेक्षा तपिश का अहसास नहीं हुआ। दोपहर बाद हल्के बादलों की आवाजाही से धूप कमजोर हो गई। शाम को पछुवा हवाएं फिर सर्दी का अहसास कराने लगीं। उधर, मौसम में बदलाव से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को करीब 2900 मरीज पहुंचे। इनमें से लगभग 1800 मरीज बुखार, खांसी, सर्दी के थे। चिकित्सक उन्हें दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह भी दे रहे हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री जबकि न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पछुआ हवा के झोंकों से ठंड बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में हवा में नमी बढ़ने से तापमान में और गिरावट होने व सर्दी बढ़ने के आसार हैं।
हृदय, सांस के रोगी रखें ध्यान, बरतें सावधानी
पारा दिन में सामान्य है, लेकिन सुबह और शाम की सर्दी नुकसान कर सकती है। जिला अस्पताल के डॉ. गौरव मिश्रा के मुताबिक हृदय व सांस के रोगियों को हल्के गर्म कपड़े पहनना शुरू कर देना चाहिए। गुनगुना पानी पीएं। पंखा चलाकर न सोएं। बदलते मौसम में जरा सी बेपरवाही बीमार बना सकती है।
ये सावधानी बरतें
- फ्रीज का पानी न पीएं। ताजा भोजन लें।
- सोने से पहले गुनगुना पानी जरूर पीएं।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- सुबह-शाम की सैर के समय में बदलाव करें।
- खानपान पौष्टिक और ताजा रखें। बासी न खाएं।
- तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर से परामर्श कर दवा लें।