हरगांव। ब्लॉक के खमौना गांव निवासी प्रगतिशील किसान प्रशांत मिश्र के लीची के बाग का शुक्रवार को उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने अल्ट्रा हाई डेंसिटी ड्रिप सिंचाई पद्धति से हो रहे लीची उत्पादन की सराहना की।
उद्यान राज्यमंत्री ने प्रशांत मिश्र के 1.3 हेक्टेयर और हरीश मिश्र के 1.6 हेक्टेयर में लगे लीची के बागों का बारीकी से जायजा लिया। बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को ड्रिप सिंचाई के लिए प्रेरित कर रही है। यह इसका अच्छा उदाहरण है। राज्यमंत्री ने किसानों से संवाद किया। किसानों ने बताया कि ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने से पहले उन्हें सिंचाई के लिए अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती थी। साथ ही, खरपतवारों की अधिकता के कारण श्रम भी अधिक लगता था। इससे उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना बनी रहती थी। ड्रिप सिंचाई संयंत्र की स्थापना के बाद से कम पानी में ही प्रभावी सिंचाई संभव हो रही है। इससे न केवल अच्छी फ्लावरिंग हो रही है, बल्कि फलों का उत्पादन भी पहले की अपेक्षा काफी अधिक प्राप्त हो रहा है। राज्यमंत्री ने किसानों को ड्रिप सिंचाई की स्थापना से जुड़े फायदे और नुकसान की जानकारी दी।
उन्होंने किसानों को बागों की साफ-सफाई बनाए रखने और इंटरक्रॉपिंग पद्धति से खेती कर अतिरिक्त लाभ अर्जित करने की सलाह दी। इसके साथ ही राज्यमंत्री ने जिला उद्यान अधिकारी राजश्री को अन्य कृषक प्रक्षेत्रों में भी ड्रिप सिंचाई संयंत्र की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए जन चौपालों का आयोजन करने के निर्देश दिए। जिससे अधिक से अधिक लोगों तक इस तकनीक को पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर उद्यान विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।