सीतापुर। साहब... मेरा असलहा न जमा कराइए। मैंने अपनी सुरक्षा के लिए इसे खरीदा है। कुछ लोगों से दुश्मनी चल रही है। देख लीजिए... मदद कर दीजिए। व्यापार के सिलसिले में भी देर सबेर आना-जाना रहता है। जी हां, यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं बल्कि इन दिनों सीओ, कोतवाल के पास असलहा न जमा कराने के लिए आ रही गुजारिशें हैं। गुजारिश के भी काम नहीं चलता तो सिफारिशें कराई जा रहीं हैं। ऐसे में इन सिफारिशों से थानेदार तंग हैं। वह नियमों का हवाला और ऊपर से दबाव होना बताकर असलहा जमा कराने में भलाई बता रहे हैं।
विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस की तैयारियां जोरों पर हैं। अपराधियों पर कार्रवाई, पुराने मामलों को खंगालने के साथ ही सक्रिय अपराधियों पर पुलिस की पैनी नजर है। इसी के साथ सबसे अधिक फोकस शस्त्र लाइसेंस जमा कराने पर भी है। हालांकि, यह कार्रवाई आदर्श आचार संहिता लगने से पहले ही शुरू हो गई थी, लेकिन पिछले दिनों चुनावी बिगुल बजने के बाद इस कार्रवाई में पुलिस की तेजी और बढ़ गई है।
यही वजह है कि पुलिस का शस्त्रों को जमा करने का दबाव बढ़ते ही असलहाधारकों ने जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है। वह इसी कोशिश में है कि कैसे भी, किसी भी तरह से बस उनका असलहा न जमा हो। इसके लिए वह तमाम तरह के हथकंडे भी अपना रहे हैं।
नियमों के तहत मिलेगी छूट
शहर कोतवाल टीपी सिंह के पास रोजाना दो से तीन कॉल ऐसी आती हैं, जिसमें असलहा न जमा कराने की बात कही जाती है। कोतवाल के न मानने पर वे सिफारिश करवाते हैं। कोतवाल सिफारिशों को नजरअंदाज करते हैं। वे लोगों से यही अपील कर रहे हैं कि लाइसेंसी असलहे जरूर जमा कर दें। जिनको जरूरत है, उन्हें नियमों के हिसाब से छूट मिलेगी।
शस्त्र जमा करना जरूरी
मछरेहटा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपने एक परिचित से एसओ से असलहा नहीं जमा कराने की सिफारिश करवाई। सिफारिश करने पर उधर से पूछा गया कि इनको खतरा है। बताया गया कि खतरा उस तरह तो नहीं है, इस पर एसओ ने कहा कि शस्त्र लाइसेंसों को जमा करना जरूरी है। सही में खतरा है तो उस पर विचार किया जाएगा।
असलहे की जरूरत है तो ये करें
शस्त्र लाइसेंस की जिन लोगों को वास्तविक जरूरत है, वह अपने सर्किल के एसडीएम, सीओ को अपनी समस्या बताते हुए एक पत्र दें सकते हैं। उस पत्र को संबंधित डीएम व एसपी की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग कमेटी को भेज देंगे। कमेटी उस पर निर्णय लेकर संबंधित अधिकारी को भेजेगी। इसके बाद वहां पर आख्या लगा दी जाएगी। पेट्रोल पंप एसोशियन से जुड़ लोग, कर्मचारी, बड़े व्यापारी, सराफा व्यापारी, सिक्योरिटी गार्ड, जिनके साथ कोई घटना, दुर्घटना होने की आशंका है, जिनके साथ पूर्व में कोई आपराधिक घटना हुई है, उन्हें छूट दी जा सकती है।
चुनाव को सकुशल और शांतिपूर्ण तरीके से कराने की कार्रवाई चल रही है। असलहों को भी जमा कराया जा रहा है, लेकिन जिन लोगों को जरूरी है, वह एसडीएम, सीओ को पत्र दे दें। स्क्रीनिंग कमेटी इस पर निर्णय लेगी। जरूरतमंद असलहाधारकों को राहत दी जाएगी।
- एनपी सिंह, एएसपी साएथ