सीतापुर। राघवेंद्र हत्याकांड के शूटरों संजय तिवारी व राजू तिवारी के शूटआउट का ब्योरा पिसावां थाने में मुकदमा संख्या 341 के रूप में दर्ज हुआ। इसके वादी एएसपी उत्तरी आलोक सिंह बने। इसमें शूटआउट का पूरा ब्यौरा दर्ज है। इसकी विवेचना निरीक्षक वीरेंद्र सिंह तोमर को मिली है।
एफआईआर के अनुसार शूटआउट में एएसपी उत्तरी के बाएं कान व एसओजी प्रभारी सत्येंद्र विक्रम और एसटीएफ उपनिरीक्षक दीपक तोमर के सिर के पास से गोलियां गुजरी थीं। साथ ही मुख्य आरक्षी अमरदीप, आकाश कुमार, आरक्षी भूपेंद्र राणा व आरक्षी अंकुर की बुलेट प्रूफ जैकेट से भी गोलियां टकराई थीं। एएसपी उत्तरी आलोक सिंह के अनुसार मुखबिर से पता चला कि दोनों शूटर संजय व राजू जनपद हरदोई के पिहानी से महोली होकर सीतापुर आने वाले हैं। इसके बाद टीमों को महोली के चड़रा रेलवे क्रॉसिंग पर टीम के साथ मुस्तैद किया गया। एएसपी स्वयं मुखबिर के साथ अन्य टीमें लेकर दूल्हापुर तिराहा पहुंचे। वहीं, बाइक से शूटर पहुंचे। एएसपी ने दोनों को आत्मसर्पण करने को कहा तो उन्होंने गालियां देकर जान से मारने की नीयत से सीधे फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग में दोनों घायल हो गए और जिला अस्पताल में दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
शूटरों के बैग से असलहों संग निकला कोरेक्स सीरप
शूटरों के पास से बरामद असलहों, कारतूस, पॉकेट डायरी व अन्य सामान को सील किया गया। उनके पास कार्बाइन व देशी पिस्टल के अलावा एक काला नीला बैग मिला। इसको खोला गया तो इसमें एक देशी तमंचा 315 बोर, 19 बाइक की चाभियां, एक कीपैड वाला मोबाइल फोन, एयरटेल का सिमकार्ड, एक चार्जर, दो आधार कार्ड की छाया प्रति, 26 कारतूस, एक सफेद ताबीज, एक कोरेक्स सिरफ, एक कैंची, एक पॉकेट डायरी व अन्य सामान मिला। साथ ही शूटरों की बाइक वाहन संख्या यूपी 32 एमएस 5575 को सीज किया गया। इसके बाद मुठभेड़ के दौरान इस्तेमाल पुलिस के असलहों व बुलेटप्रूफ जैकेट को थाने में दाखिल कराया गया।