सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग के 572 विद्यालयों के करीब दो हजार नौनिहालों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) का लाभ नहीं मिल पाया है। यह हाल तब है जब वार्षिक परीक्षाएं मार्च में प्रारंभ हो जाएगी। इसके बाद शैक्षिक सत्र समाप्त हो जाएगा। करीब छह माह से नौनिहालों के अभिभावक डीबीटी का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं। इस पर बीएसए ने नाराजगी जताई है। संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को चेतावनी दी है कि वह दो दिन के अंदर लंबित मामलों को जल्द निपटारा करवाकर बच्चों को लाभ दिलवाना सुनिश्चित करें।
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के नौनिहालों को प्रतिवर्ष डीबीटी के तहत 1200 रुपये मिलते है। इस धनराशि से नौनिहाल जूता मोजा, स्कूली बैग, स्टेशनरी, ड्रेस आदि खरीदते है। यह धनराशि सीधे उनके अभिभावकों के खाते में ट्रांसफर की जाती है। बीएसए ने डीबीटी पोर्टल की समीक्षा की। इसमें मालूम हुआ कि 572 विद्यालयों के करीब दो हजार नौनिहालों के मामले प्रधानाध्यापक की आईडी पर लंबित पड़े है। प्रधानाध्यापक इसे आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। इसकी वजह से यह धनराशि अटकी हुई है। इस पर प्रधानाध्यापकों को चेतावनी दी गई है कि वह दो दिन के अंदर इसका निपटारा करवा दें, जिससे समय रहते नौनिहालों को धनराशि दिलवाई जा सकें।
साढ़े चार लाख को मिला लाभ
बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में अध्ययन कर रहे करीब साढ़े चार लाख नौनिहालों को इसका लाभ दिया जा चुका है। यह लाभ उनके अभिभावक के खातों में सीधे धनराशि भेजकर दिया गया है। इससे बच्चों ने जूता मोजा, ड्रेस व स्टेशनरी खरीदी है।
होगी कार्रवाई
प्रधानाध्यापकों को अपनी लॉग इन आईडी से नौनिहालों की डीबीटी से संबंधित मामले का निपटारा करवाने की हिदायत दी गई है। दोबारा समीक्षा में कमी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
-अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए