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साइबर अपराधियों ने कानून के रखवालों के भी उतार दिए कपड़े

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सीतापुर। साइबर अपराध से पार पाना पुलिस के लिए अब किसी चुनौती से कम नहीं है। वजह, पुलिस तमाम मशक्कत और इलेक्ट्रॉनिक आधार के सहारे साइबर अपराधियों के ठगी के एक तरीके को भेद पाती है, तब तक साइबर के शातिर लोगों को ठगने के लिए दूसरा तरीका इजाद कर लेते हैं। जरा सा चूके तो साइबर अपराध का शिकार हो सकते हैं। शातिरों के जाल में आम लोग ही नहीं, शिक्षित लोग भी फंस रहे हैं।
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गाढ़ी कमाई ऐंठने के लिए शातिरों ने नया और बेहद खतरनाक पैंतरा इस्तेमाल किया है। इस पैंतरे में लोग आसानी से फंसकर गाढ़ी कमाई ठगों को देने को मजबूर हैं। शातिरों के जाल में आम लोग नहीं बल्कि कानून के जानकार (वकील) और कानून के रखवाले (इंस्पेक्टर, दरोगा) भी फंस चुके हैं।
साइबर के शातिर लड़कियों की मदद लेकर कॉल कर अश्लील वीडियो बना लेते हैं और इसके बाद वही वीडियो भेजकर मोटी रकम की डिमांड करते हैं। आनाकानी करने पर वीडियो सोशल साइट पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैक मेल करते हैं। जिले में पिछले दो महीनों के भीतर करीब आठ ऐसे मामले आए हैं।
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इंस्पेक्टर भी नहीं समझ सके
जिले में तैैनात रहे एक इंस्पेक्टर के फेसबुक पर युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। स्वीकार करने के बाद बातचीत हुई। व्हाट्सएप नंबर मांगा। इंस्पेक्टर ने नंबर दे दिया। बात शुरू हुई। इसके बाद वीडियो कॉल की। युवती ने अश्लील बातें शुरू की। इसके बाद कपड़े उतारने लगी। उधर युवती के कहने पर इंस्पेक्टर ने भी अपने कपड़े उतार दिए।
इसी बीच उनका वीडियो बन गया। कुछ देर बाद वही न्यूड वीडियो व्हाट्सएप पर आ गया। इसके बाद पैसे की डिमांड शुरू हुई। बुरे फंसे इंस्पेक्टर ने बाद में साइबर सेल में शिकायत की, लेकिन केस दर्ज नहीं कराया, जिससे जानकारी सार्वजनिक न हो।
वकील भी झांसे में फंसे
शहर में रहने वाले एक अधिवक्ता भी जाल में फंस गए। उनके पास युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उन्होंने स्वीकार कर लिया। चेटिंग कर व्हाट्सएप नंबर मांगा गया। नंबर मिलने के बाद व्हाट्सएप पर बात हुई।
युवती की ओर से अश्लील बातें शुरू हुईं। युवती के कहने पर उसके साथ अधिवक्ता भी न्यूड हो गए। इस दौरान वीडियो बन गया। कुछ देर बाद वीडियो भेजकर एक लाख रुपये की डिमांड की गई। बाद में 50 हजार पर बात आकर रुकी। वकील ने साइबर सेल की मदद ली।
इंस्पेक्टरों का हो चुुका तबादला
न्यूड वीडियो बनने के बाद ठगी का शिकार हुए जिले के सभी इंस्पेेक्टरों का फिलहाल गैर जिले के लिए तबादला हो चुका है। ये वे मामले थे, जो साइबर में शिकायत के बाद सामने आए, जबकि बहुत से ऐसे केस हैं, जिसमें लोगों ने बदनामी के डर से जुबान नहीं खोली और न ही शिकायत की।
ऐसे फंसाती हैं जाल में
ठगी का नया तरीका इजाद करने वाले गैंग में लड़कियां भी शामिल हैं। फेसबुक पर लोगों की प्रोफाइल आदि चेक करके फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती हैं। इसके बाद व्हाट्सएप नंबर लेकर वीडियो कॉल के लिए कहती हैं, फिर झांसे में लेकर न्यूड वीडियो बनाती है। वीडियो भेजकर पैसों की डिमांड करती हैं। पहले कम पैसे की मांग करती है। एक बार देने पर दोबारा मांगती हैं।
ऐसे बचें इनसे
-अगर अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है तो स्वीकार न करें।
-अनजान नंबर से वीडियो कॉल आती है तो भी न रिसीव करें।
-खतरा लगता है या फिर इनके जाल में फंस गए हैं तो पुलिस की मदद लें।
ऐसे बनाते हैं न्यूड वीडियो
साइबर सेल के प्रभारी रह चुुके व साइबर अपराध के जानकार इंस्पेक्टर विजय वीर सिंह सिरोही बताते हैं कि वीडियो कॉल करने के दौरान साइबर अपराधी एक मोबाइल से बात करते हैं। उसका बैक कमरा ऑन कर दूसरे मोबाइल पर लड़की का वीडियो दिखाते हैं, जिसे देखकर लोग समझते हैं कि युवती से बात हो रही है। इस दौरान न्यूड कराकर वीडियो बना लेते हैं। मोबाइल मेें एक एप से कॉल को रिकॉर्ड करते हैं।
पिछले दो महीनों में सात से आठ मामले ऐसे आए थे, जिसमें अश्लील वीडियो बनाकर पैसे की डिमांड की गई। इसमें कई इंस्पेक्टर और वकील भी फंस गए थे। जांच में सामने आया है कि मेवात गैंग के लोग ऐसा कर रहे हैं। यह लोग राजस्थान, हरियाणा और यूपी के मथुरा से सटा हुआ स्थान है, जहां पर मेवाती लोग रहते हैं।
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- विजय वीर सिंह सिरोही, साइबर इंस्पेक्टर
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