बिसवां तहसील क्षेत्र के मेवड़ी छोलहा में कटान करती नदी। - संवाद
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रेउसा (सीतापुर)। तराई इलाके में शारदा व सरयू नदी की कटान करने की रफ्तार से लोग सहमे हैं। बिसवां तहसील के एक प्राथमिक स्कूल व पंचायत घर के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। नदियों का पानी स्कूल के पास पहुंच गया है। इससे यह किसी भी समय कट सकता है। नदी की कटान में दो घर समा गए है। इससे लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही है।
बिसवां तहसील के म्योढ़ी छोलहा में नदियों ने कटान तेज कर दी है। नदियों का पानी गांव के किनारे पहुंच गया है। प्राथमिक विद्यालय म्योढ़ी छोलहा व पंचायत घर के करीब पानी ने दस्तक दे दी है। स्कूल के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे है। किसी भी समय स्कूल कटान की जद में आ सकता है। पंचायत घर भी स्कूल के पड़ोस में बना होने से कट सकता है।
इस पर राहत के कार्य शुरू कर दिए गए है। वहीं कटान की वजह से मोहम्मद व संतराम के घर कट गए। यह लोग कटान के खतरे को भांपते हुए पहले ही पलायन कर गए थे। इसकी वजह से ग्रामीणों बहुत परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि नदियां तेजी से कटान कर रही हैं। इससे पूरे गांव के लोग सहमे हुए हैं। तहसील प्रशासन द्वारा कोई मदद भी नहीं पहुंचाई जा रही है। ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों को किया गया सतर्क
नदियों ने कटान तेज कर दी है। इस पर नजर बनाए रखी जा रही है। ग्रामीणों को कटान से बचने के लिए सतर्क कर दिया गया है। उन तक मदद पहुंचाई जा रही है।
- अभिचल प्रताप सिंह, तहसीलदार, बिसवां