सीतापुर। यूपी बोर्ड परीक्षा में ऑनलाइन मॉनीटरिंग को लेकर बनाया गया कंट्रोल रूम सोमवार को दिनभर अलर्ट मोड पर रहा। कारण, मुख्य सचिव द्वारा रियलटी परखने का कार्यक्रम तय था पर मुख्य सचिव ने केंद्रों को नहीं देखा। दिनभर कॉलेजों से संपर्क करके व्यवस्थाएं डीआईओएस की तरफ से देखी जाती रही।
24 मार्च से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा को लेकर डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस बार परीक्षा की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। यह कंट्रोल रूम सीधे लखनऊ से जोड़ दिया गया है। इससे लखनऊ से अफसर जिले के किसी भी परीक्षा केंद्र की हकीकत देख सकते है। मंगलवार को मुख्य सचिव की तरफ से परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाएं देखे जाने का कार्यक्रम तय था।
मुख्य सचिव ने जिले के केंद्रों को नहीं देखा। इससे दिनभर कंट्रोल रूम में कर्मचारी अलर्ट मोड पर रहे। वह जिले के 143 केंद्रों से संपर्क करके बराबर वहां पर हो रही गतिविधियां व सुविधाओं को परखते रहे। डीआईओएस देवी सहाय तिवारी ने बताया कि कंट्रोल रूम पूरी तरह से चालू है। सभी कॉलेज जुड़ गए है। कहीं पर भी कोई समस्या नहीं है।
3500 कक्ष निरीक्षकों की लगाई गई ड्यूटी
यूपी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए करीब 3500 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। ड्यूटी लगाने का सिलसिला मंगलवार को दिनभर जारी रहा। कक्ष निरीक्षक बुधवार को अपने आवंटित परीक्षा केंद्रों पर जाकर जॉइनिंग करेेंगे। अपने विद्यालय से बुधवार को रिलीव होकर नए केंद्र पर अपनी हाजिरी दर्ज कराएंगे।
ड्यूटी लगाते ही शिक्षक भड़के
यूपी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इस बार ऑनलाइन ड्यूटी लगी है। मंगलवार को इसकी जानकारी होते ही शिक्षक भड़क गए। कारण, एक तरफ परिषदीय परीक्षाएं शुरू हो गई है, वहीं परिषद के तमाम विद्यालय के वहां के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है।
कई विद्यालयों में तो प्रधानाध्यापक की भी ड्यूटी लगा दी गई है। शिक्षक जिस ब्लॉक में तैनात है वहां से दूसरे ब्लॉक में करीब 40 से 50 किलोमीटर दूर भेज दिया गया है। इससे परेशान होकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रवीद्र दीक्षित ने बीएसए को ज्ञापन सौंपा। इसी तरह पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता मनीष पांडेय ने कहा कि ड्यूटी लगाने में बहुत अनियमितता बरती गई है। संघ द्वारा शिक्षा निदेशक से शिकायत दर्ज कराई गई है। इस पर शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस व बीएसए को इन खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं।