सीतापुर। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ की मुहिम का असर विधानसभा सीटों पर साफ तौर पर दिख रहा है। पहली और दूसरी सूची मिलाकर अब तक पांच विधानसभा सीटों पर महिलाओं की चुनाव में भागीदारी तय की है। पहली सूची में दो प्रत्याशियों को उतारा था, जबकि दूसरी सूची में छह सीटों पर प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर दिए हैं। अब सिर्फ सेवता विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी को उतारना बाकी है।
कांग्रेस ने पहली सूची में जिले की सदर विधानसभा से शमीना शफीक व बिसवां से अभिनव को टिकट दिया था। बुधवार को जारी गई सूची में महोली से आशीष मिश्रा को टिकट मिला है। आशीष इससे पहले सपा से भी टिकट मांग रहे थे, लेकिन वहां टिकट नहीं मिलने के आसार को देख वह पिछले दिनों कांग्रेस का दामन थाम लिया था। हरगांव में डॉ. ममता वर्मा को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। ममता पीएचडी हैं। पार्टी के लिए काम कर रहीं थीं। लहरपुर विधानसभा क्षेत्र से अनुपमा द्विवेदी को टिकट दिया है। इनके पिता भी यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी रहे हैं।
महमूदाबाद विधानसभा सीट से ऊषा देवी वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। यह कवियत्री भी हैं। पेशे से शिक्षिका हैं। सिधौली से कमला रावत को टिकट मिला हैं। बताया जाता है कि कमला पुरानी कांग्रेस की कार्यकर्ता हैं। 2008 से पार्टी में हैं। जानकार बताते हैं कि 2012 में इन्होंने टिकट मांगा था, लेकिन मिला नहीं। इस बार पार्टी ने इन्हें चुनावी मैदान में उतारा है।
मिश्रिख से कांग्रेस ने सुभाष चंद्र राजवंशी को टिकट दिया है। वह मौजूदा समय में कांग्रेस प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस तरह से कांग्रेस ने जिले की नौ विधानसभाओं में से अब तक आठ पर प्रत्याशियों को उतार दिया है। सिर्फ सेवता विधानसभा में अभी तक प्रत्याशी नहीं उतारा गया है। कांग्रेस की ओर से आठ विधानसभा क्षेत्रों में उतारे गए आठ प्रत्याशियों में से पांच महिला प्रत्याशी हैं।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी बताते हैं कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी लड़की हूं लड़ सकती हूं मुहिम को लेकर जिस तरह से आधी आबादी को बढ़ाने का काम कर रही हैं, उसी को लेकर जिले की पांच विधानसभा सीटों पर महिलाओं को उतारकर उन्हें मजबूती दे रहीं हैं।