आंसू गैस के गोले दागने और फायरिंग करने के बावजूद नाराज भीड़ शांत नहीं हुई। 20 थानों की फोर्स के साथ बड़ी संख्या में पीएसी जवानों की मुस्दैती के बावजूद पथराव पूरी तरह बंद नहीं हो पाया। शाम तक कस्बे में कर्फ्यू जैसे हालात हो गए।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने तहसील क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। यह कदम शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। पुलिस को उपद्रव करने वालों के साथ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नाराज भीड़ ने पथराव शुरू किया तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस कम पड़ गई। शायद यही वजह थी कि पथराव में कई पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। भीड़ ने पुलिस जीप जला दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अफसरों ने जिले के सभी थानों का पुलिस बल महमूदाबाद बुलाने के साथ ही पीएसी भी कॉल की। इस बीच पुलिस फायरिंग में एक युवक के मारे जाने की सूचना पर भीड़ और उग्र हो गई।
दूसरे थानों से पुलिस आने तक हिंसा और बढ़ गई। यह देख पड़ोस के बाराबंकी व लखनऊ से भी पुलिस को बुलाया गया। दोपहर बाद तक कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती से हालात कर्फ्यू जैसे हो गए। उससे पहले कस्बे की करीब सभी दुकानें बंद हो चुकी थीं। जगह-जगह लोग एकत्र थे। पुलिस के बढ़ते ही भीड़ पथराव करने लगती। यह स्थिति शाम तक बनी रही।