महोली (सीतापुर)। इलाके में पिछले डेढ़ माह से बाघ ने वन विभाग की टीम को छका रखा है। टीम उसके लिए लगातार पिंजड़ा लगा रही है पर बाघ चकमा देकर बच निकलता है। रविवार को फिर से कठिना नदी के किनारे खेेतों में कांबिंग की गई। इस दौरान कोई ताजा पगचिह्न नहीं मिले हैं।
महोली इलाके के चंद्रा गांव के निकट बीते माह जंगली जानवर के पगचिह्न देखे गए थे। जानकारी पाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। जिसमें बाघ की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चंद्रा गांव में बाघ ने एक गाय को निवाला बनाया था। जिसके बाद वन विभाग हरकत में आया और 29 जनवरी को कारेदेव मंदिर के निकट जंगल में पिंजड़ा लगाया गया था।
इसी दौरान मोगा ढाबे के निकट ताजा पगचिह्न मिलने के बाद 17 फरवरी को पिंजड़ा वहां लगाया गया है। फिर भी बाघ पिंजड़े में नहीं पहुंचा। वन दरोगा राहुल यादव ने बताया कि रविवार को कांबिंग के दौरान कोई ताजा पगचिह्न नहीं मिले हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्क रहकर खेतों की तरफ जाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही वन विभाग की टीम भी लगातार क्षेत्र में रह कर कांबिंग कर रही है।