सीतापुर। जिले में ग्राम पंचायतों के विकास के लिए शासन से आने वाली धनराशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। अफसरों की जांच में इसका खुलासा भी हो रहा है। लेकिन समय से कार्रवाई न होने से शासकीय धनराशि का दुरुपयोग नहीं रुक रहा है। इसी तरह के एक मामले में सेवता विधायक ने ग्राम पंचायत में धनराशि के दुरुपयोग को लेकर विधान सभा में मुद्दा उठाया था। इस पर तीन अफसरों की जांच में 20 लाख 57 हजार रुपये का दुरुपयोग पाया गया।
इस पर डीएम ने मार्च माह में जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर कराने के आदेश दिए थे, फिर भी एडीओ पंचायत ने डीएम के आदेशों को दरकिनार कर एफआईआर नहीं कराई। अमर उजाला ने बीती छह सितंबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की, तब एडीओ पंचायत ने आरोपी ग्राम विकास अधिकारी अंजनी कुमार मौर्य व तत्कालीन प्रधान के विरुद्ध एफआईआर कराई है।
प्रकरण विकास खंड सकरन की ग्राम पंचायत खानपुर का है। यहां शासन से विकास के लिए भेजी गई धनराशि का गबन करने के मामले को विधायक ज्ञान तिवारी ने बीते साल विधान सभा में नियम-51 के तहत उठाया था। जिस पर डीपीआरओ, डीसी मनरेगा एवं एक्सईएन आरईएस ने इसकी जांच की थी। इसमें 20 लाख 57 हजार 621 रुपये का दुरुपयोग पाया था।
समिति ने इसके लिए संबंधित सचिव एवं तत्कालीन प्रधान को दोषी पाया था। डीएम विशाल भारद्वाज ने आठ मार्च को उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराने के आदेश दिए थे। प्रकरण में डीपीआरओ मनोज कुमार ने एडीओ पंचायत को 25 मार्च, 16 अगस्त एवं चार सितंबर को जांच आख्या के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा था।
बावजूद इसके एडीओ पंचायत ने देरी करते हुए एफआईआर नहीं कराई। इस संबंध में अमर उजला ने छह सितंबर के अंक में ‘डीएम के आदेश को नही मानते एडीओ पंचायत’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद एडीओ ने प्रकरण में ग्राम विकास अधिकारी अंजनी कुमार मौर्य एवं तत्कालीन प्रधान के विरुद्ध थाना रेउसा में धारा 409 में एफआईआर दर्ज कराई है। एसओ रेउसा बालकृष्ण मिश्रा ने बताया कि केस दर्जकर कार्रवाई की जा रही है।