अमर शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के पैतृक गांव रूढ़ा में स्मारक का निर्माण शुरू कर दिया गया है। जिस मकान में मनोज का जन्म हुआ था सेना द्वारा वहीं स्मारक बनवाया जा रहा है।
इसमें शहीद मनोज की छह फीट की प्रतिमा स्थापित होगी। दिसंबर में स्मारक के निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य है। ब्लॉक कसमंडा के रूढ़ा गांव में 25 जून 1975 को मनोज पांडेय का जन्म हुआ था।
बचपन यहां की माटी में बिताने के बाद पिता के साथ वह लखनऊ चले गए। जहां सैनिक स्कूल में शिक्षा हासिल कर पहले ही प्रयास में उनका चयन सेना में हो गया। गोरखा रेजीमेंट के कैप्टन मनोज पांडेय की बटालियन को कारगिल युद्ध में टाइगर हिल फतह करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
दुश्मनों से मोर्चा लेते हुए देश की खातिर उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। लेकिन दुश्मनों के सारे टैंकर तबाह करते हुए टाइगर हिल पर फतह हासिल कर ली। इस अदम्य साहस पर उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था