लहरपुर (सीतापुर)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रावल अदेसर में बुधवार को गेहूं की कटाई कर रहे किसान पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। हमले में घायल किसान को सीएचसी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। अब तक मवेशियों पर हमला कर रहे जंगली जानवर द्वारा इलाके में पहली बार इंसान पर हमला करने से किसानों में दहशत के साथ आक्रोश भी है।
क्षेत्र के ग्राम रावल अदेसर निवासी किसान प्रकाश (45) अपने खेत में गेहूं की फसल काट रहे थे। तभी अचानक जंगली जानवर ने पीछे से हमला कर कर दिया। प्रकाश की चीख पर पास ही गेहूं काट रहे घरवाले व अन्य किसान शोरगुल करते हुए वहां पहुंचे। शोर गुल सुनकर जंगली जानवर भाग गया। ग्रामीण, लहूलुहान प्रकाश को लेकर आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी होने पर भारी संख्या में ग्रामीण सीएचसी में जमा हो गए और आक्रोश व्यक्त किया।
कब क्या हुआ
बता दें कि लगभग 20 दिनों से क्षेत्र में हिंसक जानवर का आतंक है। वन विभाग अभी तक जंगली जानवर की पहचान तक नहीं कर सका है। गत चार अप्रैल को जंगली जानवर ने गांव के कल्लू यादव के खेत में एक सांड़ पर हमला कर उसे मार दिया था। पांच अप्रैल को ग्राम डिंगरी में एक गाय के बछड़े को निवाला बनाया था। इसी क्रम में आठ अप्रैल को मुनीम वर्मा के खेत में सांड़ पर हमला कर उसे मार दिया। इसी दिन शाम को एक अन्य सांड़ पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने जंगली जानवर को पकड़ने के लिए पिंजरा व कैमरे लगाए, लेकिन जंगली जानवर पिंजरा व कैमरे के आसपास नहीं पहुंच रहा है।
पिंजरे से 300 मीटर दूर किया किसान पर हमला
बीते दिनों जंगली जानवर द्वारा किए गए हमलों को देखते हुए वन विभाग ने गांव के बाहर पिंजरा लगाया है। साथ ही ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। जंगली जानवर पिंजरा व कैमरे तक नहीं पहुंच रहा है। किसानों के मुताबिक गत आठ अप्रैल को जंगली जानवर द्वारा सांड़ पर हमला किया गया था, जिसके बाद कोई घटना न होने पर उन लोगों ने खेत में गेहूं की कटाई का कार्य शुरू किया था। प्रकाश बुधवार को अपनी पत्नी व बच्चों के साथ गेहूं की कटाई कर रहे थे। इसी दौरान जंगली जानवर ने हमला कर दिया।
सचेत रहें किसान
वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है, टीम के द्वारा लगातार किसानों को सचेत रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। -अभिषेक सिंह, क्षेत्रीय वनाधिकारी लहरपुर।