सीतापुर। प्रेक्षक को ईवीएम स्ट्रांग रूम में मिली खामियों को लेकर प्रकाशित खबर के बाद सोमवार को सरकारी मशीनरी में हड़कंप मचा रहा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मामले में कोई चूक न होने का दावा किया है। किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
23 फरवरी को जिले में हुए चुुनाव के बाद देर रात तक पीएसी परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम जमा करा दी गईं थी। पुलिस प्रेक्षक नगेंद्र सिंह (आईपीएस) ने ईवीएम स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद उन्होंने 24 फरवरी को जिला निर्वाचन अफसर को पत्र लिखते हुए मुआयने में मिलीं खामियों को सही कराने को कहा था।
पुलिस प्रेक्षक के पत्र के ही आधार पर सोमवार को खबर प्रकाशित की गई थी। पुलिस प्रेक्षक नागेंद्र सिंह के पत्र के मुताबिक विधानसभा सेवता, महमूदाबाद और बिसवां पीएसी 11 बटालियन की बैरक में पीछे की ओर से अंदर जाने का रास्ता है। खबर प्रकाशित होने के बाद पूरे दिन प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा रहा। राजनीतिक दलों के लोगों में भी चर्चाएं तेज रहीं।
इन सबके बीच डीएम विशाल भारद्वाज व एएसपी साउथ एनपी सिंह ने बताया कि पुलिस प्रेक्षक का पत्र मिला था। 23/24 की रात निरीक्षण के दौरान रास्ता दिखा था। उसी आधार पर पत्र लिखा है। पत्र को संज्ञान में लेते हुए तत्काल रास्ते को बंद करा दिया गया था। बात पुरानी हो चुकी है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। ईवीएम स्ट्रांग में रूम जाने का एक ही रास्ता है, वह भी सील है।
समस्या का करा दिया था समाधान
खबर छपने के बाद सोमवार को अफसरों ने गुप्त बैठक भी की। पुलिस के मुताबिक, जिन समस्याओं को लेकर पत्र लिखा गया था, वह समस्याएं तब थी जब ईवीएम को रखा जा रहा था। उस समय ही प्रेक्षक नगेंद्र सिंह ने पत्र लिखा था। एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट आलोक पांडेय जब 23 तारीख को वहां पहुंचे थे तो उन्होंने इस समस्या से अवगत कराया था। तभी उसे एडीएम को अवगत कराते हुए समस्या का समाधान करा दिया गया था।
सुरक्षा में नहीं कोई चूक
एएसपी साउथ ने बताया कि सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई चूक नहीं हुई। हर बार जिले में एक प्लाटून अर्द्धसैनिक बल लगाया जाता था। इस बार यहां पर दो प्लाटून लगाया गया है। बैरिकेडिंग सिर्फ ईवीएम रखने के लिए ही खुली थी। उसे भी देर रात ईवीएम रखने के बाद बंद करा दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, एक प्लाटून सीएपीएफ बल 21 तारीख को ही आ गए थे। वह एक ही स्थान पर रुके थे। जैसे ही ईवीएम आना शुरू हुईं तो उनको दर्पण छात्रावास में ठहराया गया था।
मानक के अनुसार हैं व्यवस्थाएं
24 फरवरी को पुलिस प्रेक्षक ने पत्र लिखा था जो थोड़ा गलत है। पर्यवेेक्षकों की निगरानी में स्ट्रांग रूम को सील कराया गया। स्ट्रांग रूम में जाने का केवल एक रास्ता है। कोई दूसरा रास्ता नहीं है। वह सील किया जा चुका है। पीएसी के परिसर में आने का कोई रास्ता हो सकता है। 24 तारीख को हो सकता है, कोई दिक्कत रही हो। उसे देख रहे हैं। रिकॉर्डिंग हो रही है। अधिकारियों की आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगी हुई है। प्रत्याशियों के लोग भी मौके पर रहते हैं। आयोग के मानक अनुसार सारी व्यवस्थाएं हैं।
- विशाल भारद्वाज, डीएम