सीतापुर। जिले में बिना पंजीयन के मानक दरकिनार कर संचालित अवैध अस्पतालों, निदान व जांच केंद्रों के साथ झोलाछाप की धरपकड पूरी सख्ती के साथ होगी। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर संबंधित तहसील के एसडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है। सीएमओ स्तर से जांच कमेटी में दो नोडल अधिकारी व सीएचसी अधीक्षकों को नामित किया गया है।
जिले में अवैध तौर से संचालित अस्पतालों में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने से कई लोगों की जान जा चुकी है। विभागीय निरीक्षण में सामने आया है कि पंजीकृत अस्पतालों में भी पंजीकृत चिकित्सक नहीं मिलते है। वह केवल अपनी डिग्री लगा देते हैं। इन अस्पतालों में भी मरीजों का इलाज झोलाछाप के भरोसे हो रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को ऐसे निजी अस्पतालों, क्लीनिक संचालकों व निदान व जांच केंद्र संचालकों के खिलाफ दो सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर ठोस कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है।
सीएमओ ने अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए एसीएमओ डॉ. मनोज देशमणि को जबकि अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ एसीएमओ डॉ. एमएल गंगवार को नोडल बनाते हुए कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई सीएचसी अधीक्षक खुद तय करेंगे। यह सभी कार्रवाई संबंधित तहसील के एसडीएम की अगुवाई में की जाएगी।
लहरपुर से सबसे अधिक शिकायतें
जिले में अवैध अस्पताल व पैथोलॉजी चलने की सबसे अधिक शिकायतें लहरपुर विकासखंड से आ रही है। इसके बाद रामपुर मथुरा, पहला, महोली, पिसावां, कसमंडा, बिसवां आदि इलाकों से आई है। इन सभी के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई तय होगी।
तय होगी प्रभावी कार्रवाई
अवैध अस्पतालों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। रोजाना टीमें इनका निरीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इसके आधार पर ही दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय की जाएगी।
डॉ. अनूप श्रीवास्तव, प्रभारी सीएमओ