सीतापुर। दुर्गापुरवा में हुई किशोर की हत्या का खुलासा कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को कर दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज गए। आरोपियों ने कबूला है कि हत्या से पूर्व किशोर को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश किया गया था। फिर सुनसान इलाके में ले जाकर गला घोंट दिया गया। 26 अक्तूबर को लापता हुए किशोर का शव चार दिन पूर्व ही मोहल्ले के अहाते से बरामद हुआ था।
शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला दुर्गापुरवा निवासी पप्पू का तेरह वर्षीय बेटा अजीत 24 अक्तूबर की शाम को घर से अचानक गायब हो गया था। परिजनों ने दो दिन बाद अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस छानबीन में जुटी थी कि इसी बीच आठ नवंबर को मोहल्ले के ही विनोद के मकान के अहाते में उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। पिता पप्पू ने इस सिलसिले में मोहल्ले के ही मनीष, अंकित पुत्र गिरिजा, शुभम् उर्फ गोपी पुत्र खेलावन व मोनू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। इंस्पेक्टर विनय गौतम ने बताया कि तहरीर पर केस दर्ज कर नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मंडी पुलिस चौकी क्षेत्र में भागने के इरादे से आए हैं। इस पर घेराबंदी कर नामजद चारों आरोपियों मनीष, अंकित, गोपी व मोनू को गिरफ्तार किया गया।
इंस्पेक्टर के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में जुर्म कबूल लिया है। आरोपियों ने बताया कि पप्पू से काफी पुरानी रंजिश चल रही थी। पिता को सबक सिखाने के इरादे से अजीत को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी।