सीतापुर। कार्तिक मास की अमावस्या के मौके पर मंगलवार को नैमिषारण्य के पौराणिक चक्र कुंड और गोमती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों व मठों में जाकर पूजा-अर्चना कर मन्नतें भी मांगी। इस मौके पर पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर भारी सुरक्षा प्रबंध कर रखे थे।
सोमवार देर रात से ही नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंगलवार को बड़ी तादात में विभिन्न जनपदों से आए लोगों ने भी नैमिषारण्य स्थित चक्रतीर्थ व गोमती नदी में स्नान किया। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी श्रद्धालु आए थे। इन लोगों ने पवित्र चक्र कुंड और गोमती नदी में स्नान करने के बाद आदि शक्ति मां ललिता देवी मंदिर, रुद्रावर्त तीर्थ, आर्यावर्त्त तीर्थ, व्यास गद्दी, हनुमान गढ़ी आदि मंदिरों में जाकर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और मन्नतें मांगी।
ललिता देवी मंदिर के प्रधान पुजारी व कालीपीठ के संस्थापक जगदंबा प्रसाद ने बताया कि दीपावली होने के कारण नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं की भीड़ अन्य अमावस्या की अपेक्षा काफी कम रही, लेकिन पचास हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।