प्रशासनिक तैयारियों में लापरवाही के चलते पंचायत चुनाव का दूसरा चरण अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। कुछ मतदान केंद्रों पर वोटर लिस्ट नहीं पहुंची तो कहीं मतपत्र से उम्मीदवार का चुनाव चिह्न ही नदारद था।
हंगामे के बीच जिले में मंगलवार को हुए चुनाव में 68 फीसदी वोट पड़े। हालांकि पहले चरण की अपेक्षा दूसरे चरण में छह फीसदी अधिक मतदान हुआ। इसके साथ ही पांच ब्लॉकों के 3563 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई।
चुनाव में कई माननीयों के रिश्तेदार व करीबियों की साख दांव पर है। अब मतगणना एक नवंबर को होगी। उधर, गड़बड़ियों को देखते हुए डीएम ने जिले के चार बूथों पर दोबारा मतदान कराने की संस्तुति की है।
दूसरे चरण में ब्लॉक खैराबाद, ऐलिया, परसेंडी, महोली व पिसावां में निर्धारित समय सुबह 7 बजे मतदान शुरू हो गया। इन पांचों ब्लॉकों में मतदान के लिए 462 पोलिंग सेंटर तथा 1129 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे।
मतदान के लिए किसी पोलिंग पर सुबह से ही लंबी कतारें दिखीं तो कहीं सन्नाटा नजर आया। इस दौरान फर्जी वोटिंग और मतदाता सूची में खामी के अलावा दूसरे वार्ड के मतदाताओं की वोट दूसरे वार्ड में डाले जाने की शिकायतों पर कई जगहों पर मतदान बाधित रहा।
हालांकि अफसरों ने गड़बड़ियों का हल निकाल कर मतदान सुचारु कराया, लेकिन फरीदपुर पोलिंग पर देर शाम तक अफसर मतदान चालू नहीं करा सके थे। दूसरे चरण में 20 जिला पंचायत सदस्यों तथा 507 क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के लिए वोट डाले गए।
ब्लॉक खैराबाद के दारानगर पोलिंग बूथ पर सुबह 9 बजे मतदाताओं की लंबी लाइन लगी थी। सुबह 9: 20 पर पोलिंग बूथ रामकोट व 9:55 पर पोलिंग बूथ हुमांयूपुर में भी मतदाता लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
जबकि ब्लॉक ऐलिया के पोलिंग बूथ ककरहा पर सुबह 11 बजे सन्नाटा नजर आया। यहां इक्का-दुक्का मतदाता ही आते-जाते दिखे। पोलिंग बूथ कुरका में रफ्ता-रफ्ता मतदान चल रहा था।
देर शाम तक जिले में करीब 68 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया। जबकि पहले चरण में 62 फीसदी ही मतदान हुआ था। उधर, चार मतदान केंद्रों पर मतपत्र व वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां मिलने पर डीएम ने पुनर्मतदान के आदेश दिए हैं।