रामपुर मथुरा (सीतापुर)। बाढ़ से हालात बिगड़ने लगे हैं। इलाके के चार गांवों में पानी घुस गया है और करीब 35 गांव बाढ़ से घिरकर टापू बन गए हैं। दो दिनों के भीतर 80 बीघा से ज्यादा कृषि योग्य जमीन कटकर नदी में समा चुकी है। अब तक कुल 500 बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ बेकाबू होते देख लोग गृहस्थी समेट कर ऊंचे स्थानों पर बने अस्थायी ठिकानों पर ले जाने लगे हैं। सरयू का पानी खतरे के निशान 119 मीटर से महज 40 सेंटीमीटर नीचे है। मंगलवार को सरयू का जलस्तर 118.60 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में जलस्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं, तीनों बैराजों से मंगलवार को 4.23 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बारिश भी रुक-रुककर दिन भर जारी रही।
सरयू नदी का जलस्तर बीते चार दिनों से लगातार बढ़ रहा है। सोमवार रात से जलस्तर में अधिक वृद्धि हुई है। इससे गांवों में बाढ़ का पानी भर रहा है। गरौरा, निरंजनपुरवा सहित चार गांवों में लोगों के घरों में पानी घुस जाने से वे सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कनरखी में नदी खेती की जमीन को तेजी से काट रही है। सैकड़ों किसानों की फसल नदी में डूब गई है। अखरी, अंगरौरा, बाबाकुटी, निरंजनपुरवा, कुन्ना पुरवा, रामरूपपुरवा, सुंदरपुरवा, लोधन पुरवा, नागेश्वर पुरवा, बचऊ पुरवा, छोटे पुरवा, सुंदर पुरवा, जगरूप पुरवा, बक्सी पुरवा, सोती पुरवा, कनरखी घाट व मिश्रणपुरवा समेत करीब 40 गांव पानी से घिरे हुए हैं। बेलदार में अखिलेश, रामू शंकर, कैलाश, गजराज, टहलू, रमदेई, चंद्रेश व सत्यवान आदि के घरों में पानी भर गया है। ग्राम पंचायत कनरखी व इसके मजरे कैलाशपुरवा, हरी पुरवा में सुदर्शन की दो बीघा, लालचंद की तीन बीघा, मदन की चार बीघा, जोगेंद्र की ढाई बीघा, शिव कुमार की तीन बीघा, पारस की ढाई बीघा, शंकर की तीन बीघा व मनोज की तीन बीघा फसल लगी जमीन सरयू नदी में समा गई है।
किस बैराज से छोड़ा कितना पानी
घाघरा बैराज- 1,55,103 क्यूसेक
शारदा बैराज- 1,53,584 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 1,14,820 क्यूसेक
गोमती का जलस्तर 24 घंटे में 60 सेमी बढ़ा
गोमती नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 60 सेमी बढ़ गया है। लगातार बारिश और बैराजों के पानी से मंगलवार को गोमती का जलस्तर 120.60 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को जलस्तर 120 मीटर था। पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो नैमिषारण्य के राजघाट समेत कई स्थानों पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
आश्रय स्थल में मिलेगी भोजन की सुविधा
कनरखी में जिनके खेत कटे हैं, उनका सर्वे कराया जा रहा है। इस सभी को मुआवजा दिलाया जाएगा। अभी बाढ़ का पानी गांवों के आसपास भर रहा है। कुछ गांवों के कुछ घरों में थोड़ा पानी भरा है, लेकिन अभी उन्हें कोई असुविधा नहीं है। कुछ लोग अपना सामान लेकर तटबंध पर पहुंच रहे हैं। उनकी सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा। जो पीड़ित आश्रय स्थल में जाएंगे, उन्हें खाने सुविधा दी जाएगी।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद