सीतापुर। थानों में काफी समय से बंद लगभग 3400 वाहन कबाड़ हो चुके हैं। हर थाने में वाहनों का अंबार लगा हुआ है। सोमवार को एडीजी जोन ने शहर कोतवाली का निरीक्षण कर वाहनों के निस्तारण के निर्देश दिए थे। पर शहर कोतवाली तो सिर्फ बानगी है। कई थानों का हाल तो उससे भी ज्यादा बदतर है। कई थानों में करीब 33 साल से वाहन खडे़े है। न तो इनके मालिकों ने इनका हाल जानने की कोशिश और न ही जिम्मेदारों ने इनको समय से निस्तारित किया।
जिले के प्रत्येक थाने में खुले मेें खडे़ दो पहिया और चार पहिया वाहन आंधी-पानी बरसात झेलते-झेलते अब कबाड़ हो चुके हैं। अधिकतर वाहन अब चल पाने की स्थिति में नहीं है। इनके मालिकों और जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण इनका ऐसा हाल है। सोमवार को जब एडीजी रेंज बृजभूषण ने कोतवाली का निरीक्षण किया था तो वाहनों को लेकर शहर कोतवाल से कई सवाल किए।
उन्होंने कहा था कि पुराने वाहनों को जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए। हर थाने में खडे़ वाहन अलग-अलग कार्रवाई के चलते खडे़ है। कुछ वाहनों को दस्तावेजों के अभाव में सीज कर दिया गया था। कुछ ऐसे वाहन है जो लावारिस खडे़ है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी हैं जो कि मार्ग दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गए है। जिम्मेदारों का कहना है कि वाहनों को निस्तारित करने की प्रक्रिया जारी है। वह कब तक पूरी हो सकेगी इस बात पर संशय है।
1989 से खडे़ वाहन, लेने नहीं आया कोई
कोतवाली महोली में 113 वाहन खडे़ हैं। 14 वाहन ऐसे हैं जो लावारिस हैं। इनके मालिकों का कोई पता नहीं चल सका है। इसके अलावा 21 ऐसे वाहन है जो वर्ष 1989 से कोतवाली परिसर में खडे़ हैं। इन वाहनों को इनके मालिक अब तक लेने नहीं आए। अज्ञात में खडे़ यह वाहन अब पूरी तरह कबाड़ हो चुके हैं। 78 ऐसे वाहन हैं जो सीज है। इनको नीलामी की प्रक्रिया में डाला जा चुका है। इंस्पेक्टर अनूप कुमार शुक्ला का कहना है कि नीलामी की प्रकिया जारी है।
51 वाहनों का नहीं कोई पुरसा हाल
तालगांव कोतवाली में 75 वाहन थाने में खडे़ हुए हैं। इनमें 63 दो पहिया वाहन हैं। 12 बडे़ चौपहिया वाहन है। लावारिस वाहनों की संख्या 51 है। थाने में खडे़ सीज वाहनों की संख्या आठ है। इसके अलावा 16 वाहन ऐसे हैं, जिन पर केस चल रहा है। फैसला आने के बाद ही उनका निस्तारण हो सकेगा। इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि वाहनों को नीलाम कराने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही वाहनों को नीलाम कराया जाएगा।
गायब हो गई बैटरी, टूट गए शीशे
देखरेख के अभाव में काफी समय से थाने में खडे़ वाहनों के कई पुर्जे गायब हो गए हैं। कई वाहन ऐसे भी है जो चौकियों के किनारे बनी झाड़ियों आदि में खड़े हैं। अधिकतर वाहनों से बैटरी गायब है। कई के शीशे टूट गए है। चोरों ने कई कारों के शीशे तोड़कर म्यूजिक सिस्टम तक चोरी कर लिए हैं।
समय से हो जाए नीलामी तो होगा फायदा
देखा जाए तो हर तरह के वाहनों को थाने से छुड़वाने के लिए अलग-अलग प्रक्रिया होती है। दुर्घटनाग्रस्त, चोरी छापेमारी के बाद जब्त किए गए वाहन कोतवाली या थानों में खडे़ कर दिए जाते हैं। इन वाहनों को छुड़ाने के लिए आवश्यक कागजात की जरूरत पड़ती है। ऐसे मामलों में अधिकतर वाहनों के कागजात मिल ही नहीं पाते हैं। ऐसे में इनकी सही समय पर नीलामी नहीं हो पाती अगर सही समय पर चलने की हालत में इनकी नीलामी हो जाए तो सरकार को काफी फायदा हो सकता है।
ऑनलाइन होती है नीलामी
सीओ सिटी पियूष कुमार ने बताया कि जिन वाहनों को नीलामी करने के लिए चयनित किया जाता है, उनका डेटा जिले में सीसीटीएनएस के जरिए डीजी लग्जिस्टिक पर भेजा जाता है। प्रत्येक थाने में कितने वाहन कबाड़ है। इसकी जानकारी डीजी लग्जिस्टिक के पोर्टल से इस्पात मंत्रालय की एक साइड एमएसपीसी पर लोड कर दिया जाता है। इस साइट के जरिए कबाड़ की ऑनलाइन नीलामी होती है।
नीलामी की चल रही है प्रक्रिया
जिले भर में 3400 वाहन ऐसे हैं जो थानों में खड़े हैं। कई वाहन चालकों को नोटिस भेजकर वाहनों के उनके सुपुर्द कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य का मूल्यांकन कर उनकी कीमत का आंकलन किया जा चुका है। जल्द ही उनका डेटा एमएसपीसी पर लोड कर दिया जाएगा। जिससे उनकी नीलामी हो सके।
- एनपी सिंह, एएसपी साउथ