सीतापुर। जिम्मेदारों की लापरवाही से घने कोहरे में हाईवे से लेकर प्रमुख मार्गों पर चिह्नित 33 ब्लैक स्पॉट कभी भी जानलेवा हादसों का कारण बन सकते हैं। इनमें से 11 ब्लैक स्पॉट नेशनल हाईवे संख्या-30 पर चिन्हित हैं। इन ब्लैक स्पॉट पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही संकेतक। सड़क हादसों से बचाव के अन्य जरूरी इंतजाम भी नहीं दिखते हैं। ऐसे में कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम होने पर हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
जिले में हाईवे पर कस्बा कमलापुर ब्लैक स्पॉट में चिन्हित है। कमलापुर में नहर चौराहे के पास एनएचएआई ने सड़क पार करने के लिए कट बनाया है। इसके अलावा राजा कॉलेज के सामने भी अवैध कट बना हुआ है। कमलापुर कस्बे में लखनऊ की तरफ से प्रवेश करें या फिर सीतापुर की ओर से। किसी भी तरफ से कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है। कट के पास कोई संकेतक भी नहीं है। कमोबेश कुछ ऐसा ही नजारा हाईवे पर ब्लैक स्पॉट घोषित कुर्सिनपुरवा मोड़, सिंह ढ़ाबा, जलालपुर, नेरी और खगेसियामऊ का है।
चेतावनी बोर्ड और संकेतक न लगा होने से वाहन चालकों को पता नहीं चलता कि यह स्थान दुर्घटना बाहुल्य हैं। कोहरे में यह जोखिम कई गुना और बढ़ जाता है। जिले में साल 2024 में हुए 840 सड़क हादसों में 486 लोगों की जान गई थी जबकि 649 लोग गंभीर घायल हुए थे। इनमें से सबसे ज्यादा 92 हादसे नवंबर में धुंध व कोहरे का सीजन शुरू होने पर हुए थे। इसके बावजूद इन ब्लैक स्पॉट पर संकेतक व अन्य सुरक्षा इंतजाम कराना तो दूर चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं।
नेशनल हाईवे पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट
कमलापुर, सिंह ढ़ाबा, कुर्सिनपुरवा मोड़, जलालपुर, कुसैला, नेरी, उरदौली, कटीली, खगेसियामऊ, गड़िया हसनपुर, बाराभारी चौराहा।
राष्ट्रीय व अन्य मार्गों पर चिह्नित ब्लैक स्पॉट
शहर में पुलिस लाइन के पास, नैपालापुर चौराहा, कैंचीपुल, लवली पुलिया, कल्ली चौराहा, कोरौना, टेड़वा चिलौला, बीहट बीरम, बड़ेलिया, जल्लापुर, बाबाकुटी, खरौहा, कनकारी, थानगांव, नबीनगर, मतुआ चौराहा, रेउसा कस्बा, धोंधी, अकबरपुर, कस्बा मिश्रिख, हुमांयुपुर, बाराभारी चौराहा।
सेक्शन के पांच ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजाम पूरे
सीतापुर जिले की सीमा में शहर के वैदेही वाटिका से अटरिया तक हाईवे पर एनएचएआई के कार्यक्षेत्र में पांच ब्लैक स्पॉट हैं। सभी पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए हैं। सीतापुर से बरेली की ओर हाईवे हमारे सेक्शन में नहीं है। वह बरेली सेक्शन में है। अन्य सड़के लोक निर्माण विभाग के कार्यक्षेत्र में आती हैं।
प्रदीप शुक्ला, कॉरिडोर मैनेजर एनएच-30