वाहन पर चढ़ी काली फिल्म उतारते एआरटीओ व टीआई। -संवाद
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सीतापुर। बिना फिटनेस के 315 स्कूली वाहन नौनिहालों को लेकर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। फीस के नाम पर मोटी रकम वसूलने वाले स्कूल प्रबंधक वाहनों का फिटनेस कराने को लेकर संजीदा नहीं है। दो बार पूर्व में जारी की गई चेतावनी के बाद भी कोई असर स्कूल प्रबंधकों पर नहीं दिखा। अब गाजियाबाद में हुए हादसे के बाद परिवहन विभाग एक्शन में दिख रहा है।
एआरटीओ प्रशासन ने स्कूल प्रबंधकों को अल्टीमेटम जारी किया है। फिटनेस नहीं कराने की दशा में विद्यालयों की मान्यता रद्द हो सकती है। गाजियाबाद के मोदीनगर में एक स्कूल बस से बाहर झांकते समय छात्र की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना को शासन ने गंभीरता से लिया है। इसी को लेकर शनिवार को एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेयी ने स्कूल बसों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। स्कूल वाहनों के लापरवाह प्रबंधकों पर परिवहन विभाग कार्रवाई करने के मूड में आ गया है।
एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेयी ने बताया कि जिले में 602 वाहन विद्यालय वाहन के तौर में रजिस्टर्ड हैं, जिसमें से करीब 315 ऐसे स्कूल वाहन हैं, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है। बिना फिटनेस यह वाहन फर्राटा भर रहे हैं। फिटनेस कराने को लेकर पूर्व में भी दो बार नोटिस जारी की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद स्कूल प्रबंधकों ने वाहनों की फिटनेस नहीं कराई।
प्रवर्तन अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी विद्यालय के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों से संपर्क कर वाहनों की जांच की जाए। एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि विद्यालय प्रबंधकों के पास यह अंतिम मौका है। अब किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलने वाली है। फिटनेस न कराने वाले वाहनों के विद्यालयों की सूची मान्यता निरस्त करने के लिए डीएम को भेज दी जाएगी।
कबाड़ हो चुके वाहनों का निरस्त कराए पंजीयन
कबाड़ हो चुके स्कूली वाहनों का अब भी एआरटीओ दफ्तर में पंजीयन है। इसको लेकर एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेयी ने बताया कि 12 साल की अवधि तक ही वाहन को स्कूली वाहन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। अवधि पूरी कर चुके वाहन या फिर कबाड़ हो चुके स्कूली वाहनों का पंजीयन निरस्त करा लें।