फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन महीने, तीस केस, खुलासे सिर्फ आधे के

विज्ञापन
विज्ञापन
सीतापुर। जिले में साइबर क्राइम का ग्राफ दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। अधिकतर धोखाधड़ी और हनी ट्रैप के मामले सामने आ रहे हैं। महज तीन माह में ही करीब 30 मामले सामने आ चुके हैं। धोखाधड़ी के मामलों में अधिकतर लोगों को झांसे में लेने के बाद उनसे ठगी की गई। वहीं हनी ट्रैप में किसी युवती की लुभावनी बातों में आकर लोग खुद ही फंसते हुए नजर आ रहे है।
विज्ञापन

ऐसे कई मामलों में तो पुलिस अपराधियों को ट्रेस कर लेती है। लेकिन अधिकांश मामलों में पुलिस को काफी समय लग जाता है। साइबर सेल प्रभारी अजय रावत ने बताया कि अगर आपके साथ कभी भी कोई घटना हो तो तुरंत ही नजदीक के थाने पर जाए और अपनी समस्या को बताएं। हर थाने पर साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। इसके अलावा 1930 के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जिले में ठगी और हनीट्रैप में मामले ज्यादा दर्ज हो रहे हैं। जिसमें साइबर सेल की टीम ने तीन महीने के भीतर 30 में से 15 मामलों में खुलासा करके कई लोगों की धनराशि वापस लाने का भी काम किया है। एसपी के आदेश पर हर थाने की एक टीम अपने इलाके में जाकर लोगों को जागरुक करेगी ताकि ऐसे अपराध में कमी आ सके।
विज्ञापन

ठग अब एप के जरिए कम राशि में आपको लोन उपलब्ध करा देते हैं। लेकिन उस एप के जरिए आपको मोबाइल में दर्ज सारे नंबर पर्सनल फोटो आदि डेटा को भी चुरा लेते हैं। जिसके जरिए वह आपको व आपके दोस्तों को परेशान कर सकते हैं। ठगों ने अब ऑनलाइन सर्विस देने के नाम पर भी बड़ी जालसाजी करना शुरु कर दिया है। हाल ही में एक ऐसे मामले का सीतापुर पुलिस ने खुलासा भी किया था।
ठग एप के जरिए आपको नौकर-नौकरानी दिलाने की बात कहते है। फिर किसी युवक को आपके घर भेजकर एक से दो घंटे के भीतर ही एडवांस पैसा आपसे मंगा लेते है। फिर कुछ देर बाद ही काम करने वाला नौकर आपके घर से फरार हो जाएगा। ठग एसी, आरओ, वाशिंग मशीन की नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर सर्विस दिलाने के नाम पर भी ठगी करते है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें