रेउसा/सीतापुर। घाघरा नदी इन दिनों उफान पर है। इसके उफनाने से नदी का पानी अब बाहर फैलने लगा है। हालत यह है कि रेउसा क्षेत्र के करीब 30 गांवों के पास घाघरा नदी की बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं, करीब 70 ऐसे गांव हैं, जिन पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रेउसा क्षेत्र में ही करीब 700 बीघा खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। उधर, बैराजों से करीब सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में बाढ़ की स्थिति विकराल होने की संभावना जताई जा रही है।
घाघरा नदी इन दिनों उफना रही है। इस वजह से रेउसा क्षेत्र के ग्राम कोनी, दुर्गा पुरवा, लोध पुरवा, कटैला पुरवा, मरेली, जैतहिया, पासिनपुरवा, परमेश्वर पुरवा, नगीनापुर आदि 30 गांवों के करीब बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जलस्तर में इस कदर बढ़ोत्तरी हो रही है, जिसे देखकर लग रहा है, कि एक दिन बाद पानी गांवों में प्रवेश कर जाएगा। पूरे क्षेत्र में करीब 700 बीघा खेती बाढ़ के पानी की चपेट में आ गई है। नदी के उफनाने से करीब 70 ऐसे गांव हैं, जहां पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के चलते तटीय क्षेत्र के बाशिंदों ने घरेलू सामान समेटकर बहराइच मार्ग का रुख करना शुरू कर दिया है। हालत यह है कि लोग चारा मशीन व नांदों को उखाड़कर सुरक्षित ठिकानों के लिए कूच कर रहे हैं। बहराइच मार्ग पीड़ितों के लिए शरण स्थली बनता जा रहा है। जहां तटीय क्षेत्र में हड़कंप है। वहीं आने वाले दिनों में भी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। रविवार को घाघरा व शारदा बैराजों से 229996 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। माना जा रहा है कि यह पानी जब रेउसा इलाके से गुजरेगा, तब बाढ़ और विकराल रूप ले लेगी। इससे करीब 70 गांव व क्षेत्र के अधिकांश संपर्क मार्ग बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तटीय क्षेत्र के बाशिंदे दहशत में है। जहां तटीय इलाके का ऐसा हाल है, वहीं प्रशासन का अब भी कहना है कि बाढ़ जैसी कोई भी स्थिति अभी नहीं है।
इंसेट
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा 103376 क्यूसेक
शारदा 126629 क्यूसेक
बनबसा 48300 क्यूसेक
डूबी फसलें हो रहीं बर्बाद
कोनी से लेकर चहलारी घाट तक करीब 9 किलोमीटर का इलाका इन दिनों बाढ़ की जद में आ गया है। इस 9 किलोमीटर के बीच में करीब 700 बीघा खेती की जमीन है। बाढ़ की चपेट में आने की वजह से खेतों में खड़ी धान, मेंथा ऑयल आदि की फसल बाढ़ के पानी में समा गई हैं। इससे फसलें बर्बाद हो रही हैं।
मारू बेहड़ की तरफ बढ़ रहा पानी
बरसात के दौरान आबादी में जमा हुआ पानी बाहर निकालने के लिए बहराइच हाईवे के किनारे से एक नाला घाघरा नदी तक जाता है। इन दिनों यही नाला मुसीबत का सबब बनता नजर आ रहा है। घाघरा नदी के उफनाने से नदी का पानी नाले के रास्ते तेजी से मारू बेहड़ की तरफ बढ़ रहा है। रविवार को बाढ़ का पानी नाले के रास्ते गैस एजेंसी तक पहुंच गया था। हालत यह है कि अगर पानी इसी तरह से बढ़ता रहा, तो सबसे पहले वह श्याम व सुंदर नगर को अपनी चपेट में लेगा। जिसके बाद वह मारू बेहड़ का रुख करेगा। श्याम व सुंदर नगर के बाशिंदों में भी हड़कंप की स्थिति है।
बाढ़ की स्थिति नहीं
अभी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इतना जरूर है कि नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है।
- शशिभूषण राय, एसडीएम