मेडिकल कॉलेज उपचार ही नहीं स्वास्थ्य जागरूकता का भी केंद्र बनेगा : योगी
- निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री बोले, अक्तूबर में होगा एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले के लिए मेडिकल कॉलेज की सुविधा प्राप्त होना एक बड़ी उपलब्धि है। यह मेडिकल कॉलेज उपचार ही नहीं बल्कि यह स्वास्थ्य जागरूकता का केंद्र भी बनेगा। बचाव उपचार से महत्वपूर्ण है। कॉलेज से 30 लाख आबादी को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी। इससे आसपास के जिलों के साथ ही नेपाल के नागरिक भी यहां उपचार करा सकेंगे। यह कहना है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का।
रविवार को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने और समीक्षा बैठक के बाद प्रेसवार्ता में सीएम ने कहा कि सिद्धार्थनगर आकांक्षी जनपद है। यह अन्य जिलों की तुलना में पिछड़ा है। यहां के जनप्रतिनधियों के सहयोग और केंद्र व प्रदेश सरकार के प्रयास से काफी सुधार हुआ है।
कोरोना महामारी के कारण कॉलेज को मान्यता मिलने में देर हुई है। नीट के माध्यम से सितंबर में प्रवेश परीक्षा होगी और अक्टूबर में काउंसिलिंग के बाद एमबीबीएस प्रथम वर्ष में 100 बच्चों का प्रवेश प्रस्तावित है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में 320 बेड की सुविधा है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में 300 बेड का नया अस्पताल बनाया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में 21 डॉक्टर नियुक्त हुए हैं। 30 डॉक्टर जिला अस्पताल में हैं। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत जिला अस्पताल के डॉक्टर भी मेडिकल कॉलेज में उपयोगी होंगे। पैरामेडिकल स्टॉफ की नियुक्ति, लाइब्रेरी, लैब जैसी सुविधाएं बढ़ाने पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
सत्तर सालों में यूपी में सिर्फ 12 राजकीय मेडिकल कॉलेज बने थे, 2017 से अब तक सिर्फ साढ़े चार सालों में कुल 32 नए राजकीय मेडिकल कॉलेज बन गए हैं या निर्माणाधीन हैं। अयोध्या, बस्ती समेत आठ नए मेडिकल कॉलेज गत वर्ष से क्रियाशील हो गए हैं जबकि सिद्धार्थनगर, देवरिया समेत नौ नए मेडिकल कॉलेजों का शुभारंभ इसी सत्र में होगा। संतकबीरनगर, महराजगंज समेत 16 जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए सरकार ने पीपीपी मॉडल पर पॉलिसी बनाई है। प्रदेश सरकार का कार्यकाल पूरा होते होते प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो जाएंगे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जयप्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा स्वतंत्र प्रभार डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी, सांसद जगदंबिका पाल, राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, चौधरी अमर सिंह, श्यामधनी राही, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद माधव, पूर्व मंत्री राजू श्रीवास्तव, उपेंद्र प्रताप सिंह आदि निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
अमेरिका त्रस्त है और यूपी सफल रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेहतर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से इंसेफेलाइटिस अब न्यूनतम स्तर पर है। कभी सिद्धार्थनगर जनपद में बड़ी संख्या में इंसेफेलाइटिस के केस आते थे। कोरोना के शानदार प्रबंधन में भी बेहतर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से मदद मिली। कोरोना से अमेरिका जैसे विकसित देश त्रस्त हैं, वहीं यूपी में इस पर प्रभावी नियंत्रण है। यह दुनिया के सामने है। बस्ती जनपद कोरोना मुक्त हो चुका है, जबकि सिद्धार्थनगर में सिर्फ 10 एक्टिव केस बचे हैं।