संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पीडब्ल्यूडी की जिले में 14 एवं अन्य प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कराने की कार्ययोजना शासन में अटकी हुई है।
321.5 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण की इस कार्ययोजना पर 10 माह बाद भी शासन से धन जारी नहीं हुआ है। इन सड़कों में शहर को ग्रामीण क्षेत्र से जोड़ने वाली पटनी जंगल व महदेवा चौराहे को जोड़ने वाला मार्ग भी शामिल है।
इससे जर्जर हो चुके इन प्रमुख मार्गों से जुड़ी आठ लाख से अधिक आबादी दुश्वारियां झेल रही है, वहीं राहगीर व वाहन चालक प्रतिदिन गड्ढों में हिचकोले खा रहे हैं। आकांक्षी जनपद में आवागमन में दुरुस्त करने के लिए पीडब्ल्यूडी की तरफ से 10 माह पूर्व महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी।
इनमें शोहरतगढ़ क्षेत्र की होरिलापुर-इटवा मार्ग लागत 13.79 करोड़, बदलिया सोहना 21.86 करोड़, बिस्कोहर से नावडीह सिंगारजोत 30.42 करोड़, कोहड़ौरा सोहना चिताही 20.70 करोड़, कठेला बढ़या जिगनिहवा बहादुरपुर 10.62 करोड़, महादेव घुरहू से भावपुर-पकड़ी पठान-डुमरियागंज ढेबरुआ 30.27 करोड़, महदेवा-पटनी जंगल मार्ग पर 23.75 करोड़ रुपये समेत 14 सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 321 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शामिल है।
यह सभी सड़कें प्रमुख जिला मार्ग है। वित्तीय वर्ष बीतने में मात्र तीन माह का समय बचा है, लेकिन इनके निर्माण के लिए धन का आवंटन नहीं हुआ है, जबकि इन सड़कों से सात सौ गांवों के करीब आठ लाख आबादी के लोगों का आना-जाना होता है। ऐसे में बजट के अभाव में महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य न होने से क्षेत्रीय लोगों में मायूसी है। लोगों का कहना है कि मार्ग सकरा और जर्जर होने की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
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