-सर्दी में दौड़ने की क्षमता हो रही कम, ट्रेनिंग, वर्कआउट व डाइट में कर रहे बदलाव
-एथलेटिक्स के खिलाड़ी धूप में भी कर रहे वर्कआउट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खेलों के क्षेत्र में एथलेटिक्स का विशेष योगदान होता है। ऐसे में एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को शरीर की छोटी-सी चूक भी प्रदर्शन पर बड़ा असर डालती है।
इससे खिलाड़ी केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि मौसम के अनुसार सही ट्रेनिंग, वर्कआउट और अनुशासित दिनचर्या को ही सफलता के आधार पर ही प्रशिक्षण ले रहे हैं। जैसे-जैसे मौसम बदल रहा है, वैसे-वैसे एथलेटिक्स की तैयारी में जरूरी बदलाव करने पड़ रहे हैं। खासतौर पर सर्दी और गर्मी में एथलेटिक्स खिलाड़ियों की ट्रेनिंग पूरी तरह अलग रणनीति पर हो जाती है।
सर्दी का मौसम एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए सबसे अधिक सतर्कता की मांग करता है। ठंड और कोहरे के कारण शरीर देर से एक्टिव होता है, जिससे दौड़ पर सीधा असर पड़ता है। एथलेटिक्स प्रशिक्षक सुमन सिंह ने बताया कि कोहरे का असर सीधे फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे सांस फूलती है, और दौड़ने की क्षमता घट जाती है। इस दौरान हार्ट रेट भी सामान्य से अधिक रहता है।
उन्होंने बताया कि सर्दी में मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, और जल्दी हीट-अप नहीं हो पाती है। यदि खिलाड़ी बिना पर्याप्त वार्म-अप के स्पीड रन या हार्ड ट्रेनिंग शुरू कर दें, तो मसल इंजरी और स्ट्रेन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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वार्म-अप और स्ट्रेचिंग बेहद जरूरी
सर्दी में एथलेटिक्स को 25 से 30 मिनट तक वार्म-अप, स्ट्रेचिंग और हल्की जॉगिंग करनी चाहिए। इसके बाद ही स्पीड रन, एंड्योरेंस रन या तकनीकी ड्रिल्स करानी चाहिए, ताकि शरीर पूरी तरह तैयार हो सके। जबकि डाइट में भी बदलाव करना पड़ रहा है। कोच सुमन सिंह ने बताया कि सर्दियों में खिलाड़ियों को गुनगुने पानी का सेवन करना जरूरी है। अंडा, मौसमी फल, हरी सब्जियां और सूखे मेवे अधिक मात्रा में लेने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत रहती है।
धूप में अभ्यास करने से मिलती है सहूलियत
कोच सुमन सिंह ने बताया कि सर्दियों में बहुत सुबह अंधेरे और कोहरे में अभ्यास करने से बेहतर है कि धूप निकलने के बाद ट्रेनिंग की जाए। धूप में अभ्यास करने से शरीर जल्दी गर्म होता है, रक्त संचार बेहतर रहता है और मसल्स सही तरीके से काम करती हैं।
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बोली धावक
सर्दियों में ट्रेनिंग से पहले कम से कम 25-30 मिनट वार्म-अप करते है। पहले ठंड में सीधे स्पीड रन करने से मसल्स में खिंचाव आ जाता था, लेकिन धूप में अभ्यास और सही स्ट्रेचिंग से स्पीड और टाइमिंग दोनों बेहतर होगी।
-तृप्ति मिश्रा, धावक
सर्दियों में मेरी ट्रेनिंग प्लानिंग पूरी तरह बदल जाती है। प्रतिदिन दौड़ लगाते हैं और पानी व डाइट पर खास ध्यान देते हैं। मौसम के अनुसार खुद को ढालना ही एथलेटिक्स में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलता है।
-मोनिका विश्वकर्मा, धावक