सोशल मीडिया पर वालंटियर भी करेंगे निगरानी
सिद्धार्थनगर। विधानसभा चुनाव को सकुशल और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने में डिजिटल वालंटियर पुलिस के सहयोगी की भूमिका में नजर आएंगे। वे सोशल मीडिया के फेसबुक, ट्वीटर, मैसेंजर, व्हाट्सएप सहित अन्य प्लेटफार्म पर नजर रखेंगे। धर्म, जाति विशेष से जुड़े प्रचार-प्रसार की निगरानी करेंगे। उसका खंडन करने के साथ संबंधित जिम्मेदार को जानकारी देंगे। इसके बाद पुलिस मामले की जांच करके कार्रवाई करेगी।
कोरोना के मामले में लगातार बढ़ रहे हैं। इसी बीच यूपी विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है। आचार संहिता लागू होने के साथ ही कई पाबंदियां लगाई गईं। संक्रमण के प्रसार को देखते हुए चुनावी रैलियों पर रोक लगा दी गई। मौजूदा समय में सोशल मीडिया प्रचार का बड़ा माध्यम बन चुका है। एक पोस्ट देखते ही देखते पल भर में लाखों लोगों तक पहुंच जाता है। चुनाव में लोग सोशल मीडिया का सहारा लेंगे। ऐसे में कोई धर्म और मजहब से जुड़ी टिप्पणी वोट बैंक के चक्कर में न करे और माहौल खराब न हो जाए, उसके मद्देनजर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विशेष निगरानी की जाएगी। हर पोस्ट पर पुलिस सर्विलांस और साइबर सेल की टीम नजर रखेगी।
इसके साथ ही थाना स्तर पर बने डिजिटल वालंटियर को भी एक्टिव किया जा रहा है। चुनाव में प्रचार से जुड़े सोशल मीडिया के पोस्ट पर वे नजर रखेंगे। धर्म, जाति विशेष से जुड़ी टिप्पणी करने और चुनाव में हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करने वाले को चिह्नित करेंगे। उसके बाद जानकारी देंगे। फिर पुलिस मामले की छानबीन करेगी। आचार संहिता उल्लंघन पाए जाने पर केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए डिजिटल वालंटियर का सहयोग लिया जाएगा। वे सोशल मीडिया पर नजर रखेंगे और अगर कोई खराब पोस्ट करता है तो उसकी जानकारी देंगे। जांच में सही मिलने पर आचार संहिता उल्लंघन के मामले में केस दर्ज किया जाएगा।
चुनाव में प्रचार में का केंद्र बनेगा सोशल मीडिया
आज अधिकतर हाथों में स्मार्टफोन है और ज्यादातर व्यक्ति इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। इसमें सोशल मीडिया पर अधिक समय लोग व्यतीत करते हैं। ऐसे में एक बार प्रचार से जुड़ी सामग्री पोस्ट होगी। वह देखते ही देखते हर व्यक्ति तक पहुंच जाएगी। बिना खर्च के प्रचार आसानी से होगा। इस लिए इस चुनाव में रैलियों पर रोक की वजह से सोशल मीडिया का दल के लोग इस्तेमाल करेंगे।
ग्राम पंचायत स्तर पर बनी है वॉलंटियर की टीम
जिले में 1136 ग्राम पंचायतें हैं। सोशल मीडिया के इस्तेमाल और सक्रियता को देखते हुए दो वर्ष पूर्व वालंटियर बनाने की कवायद शुरू हुई थी। इसमें थाना स्तर से ग्रुप बनाया गया था। इसमें सेवानिवृत्त शिक्षक, कर्मचारी, समाज के जागरूक लोग सहित 10 लोगों की टीम तैयार की गई थी। इसमें उन लोगों को शामिल किया गया था, जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।