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Siddharthnagar News: लावारिस बता कर कर दिया अंतिम संस्कार, भड़के ग्रामीणों ने दो घंटे जाम रखा हाईवे

Fri, 24 Jul 2026 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। थाना शिवनगर क्षेत्र की पुलिस की ओर से गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद एक व्यक्ति का शव लावारिस मानकर अंतिम संस्कार किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने बस्ती-बांसी मार्ग (एनएच-28) पर खुटहना चौराहे पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे तक यातायात ठप रहा। एसडीएम बांसी और सीओ के कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण हटने को तैयार हुए।
परिजन के मुताबिक, रामनरेश गुप्ता तीन जुलाई को बाइक से किसी काम से गए थे। देर शाम तक जब नहीं लौटे तो परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश शुरू की। कामयाबी न मिलने पर चार जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बावजूद पुलिस की ओर से परिवार को दुर्घटना या अस्पताल में भर्ती होने की कोई सूचना नहीं दी गई।
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आरोप है कि तीन जुलाई को करही चौराहे पर सड़क हादसे में घायल मिले रामनरेश को पहले सीएचसी तिलौली और फिर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पांच जुलाई को पोस्टमार्टम कराया गया और छह जुलाई को शव काे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिवार का आरोप है कि सबसे बड़ी चूक बाइक की पहचान को लेकर हुई। दुर्घटना के बाद रामनरेश की बाइक पुलिस के कब्जे में आ गई थी लेकिन उसे नियमानुसार थाने में दाखिल नहीं किया गया। बाइक किसी व्यक्ति के घर पर खड़ी करवा दी गई। यदि वाहन का पंजीकरण नंबर जांचकर मालिक की जानकारी निकाली जाती तो उसकी पहचान तत्काल हो सकती थी और परिवार अपने सदस्य का अंतिम दर्शन कर पाता।
23 जुलाई को जब पुलिस ने परिजन को थाने बुलाकर बताया कि सड़क हादसे में मृत व्यक्ति रामनरेश ही थे और उनका अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है तो परिवार के साथ पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने बस्ती-बांसी मार्ग पर जाम लगाकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना की टाइमलाइन
3 जुलाई: रामनरेश गुप्ता बाइक से घर से निकले, करही चौराहे पर सड़क हादसे में घायल।
3 जुलाई: सीएचसी तिलौली से जिला अस्पताल रेफर, इलाज के दौरान मौत।
4 जुलाई: परिजनों ने शिवनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
5 जुलाई: शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
6 जुलाई: शव का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार।
23 जुलाई: पुलिस ने परिजनों को मौत की जानकारी दी।
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परिजनों के पांच बड़े सवाल
- गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने दुर्घटना की जानकारी परिवार को क्यों नहीं दी?
- बाइक मिलने के बावजूद वाहन नंबर से मालिक की पहचान क्यों नहीं की गई?
- शव की पहचान के लिए आसपास के थानों और गांवों में सूचना क्यों नहीं भेजी गई?
- पोस्टमार्टम के बाद शव का लावारिस में अंतिम संस्कार इतनी जल्दबाजी में क्यों कराया गया?
- 23 दिन बाद परिजनों को घटना की जानकारी क्यों दी गई?

अधिकारियों ने कहा...

मामला बेहद गंभीर है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- विश्वमित्र सिंह, एसडीएम

घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। फिलहाल कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
- शुभेंदु सिंह, सीओ
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