सिद्धार्थनगर /भवानीगंज। क्षेत्र के भड़रिया गांव में धार्मिक आयोजन में निकाली गई कलश यात्रा में शामिल विकास (22) और शिवम( 19) जल भरते समय राप्ती नदी में डूबे गए। इस हादसे में दोनों की माैत हो गई। जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। दोनों युवकों की माैत की वजह से आयोजन की खुशी का माहाैल मातम में तब्दील हो गया।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के भड़रिया स्थित मां सिद्धेशवरी देवी शक्ति पीठ मंदिर पर नवयुवक रामलीला समिति भड़रिया बाजार के तत्वावधान में शुक्रवार को मां दुर्गा प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा व संगीतमयी श्रीराम कथा को लेकर कलश यात्रा निकाली गई। बताया जा रहा है कि कलश यात्रा भड़रिया से निकल कर खुदिया नगर के पास राप्ती नदी पर जल भरने पहुंची।
इसी दौरान कलश यात्रा में शामिल विकास व शिवम नदी में जल भरने के दौरान पैर फिसलने से नदी में गिर गए। जबतक लोग कुछ समझ पाते वह गहरे पानी में जाने की वजह से डूबने लगे। किसी तरह से उन्हें बाहर निकाला गया। जिन्हें एहतियात के तौर पर बेंवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी होते ही परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, घटना की जानकारी होने पर नायब तहसीलदार डुमरियागंज विष्णु प्रसाद सिंह व थानाध्यक्ष बृजेश सिंह मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष भवानीगंज बृजेश सिंह व नायब तहसीलदार ने बताया कि परिजनों की ओर से पोस्टमार्टम न कराने पर गांव के संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया
भाइयों में सबसे बड़ा था विकास : भवानीगंज। एक साथ दो युवकों की मौत से परिवार के साथ ग्रामीणों में भी मातम है। परिवार के लोगों का तो रो-रोकर बुरा हाल है। इसमें विकास गुप्ता अपने घर में सबसे बड़ा लड़का था। वह दो भाई, दो बहन में सबसे बड़ा था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पिता मजदूरी करते हैं। विकास से परिवार को बहुत उम्मीद थी।
अब वह परिवार की जिम्मेदारी समझने लगा था। घर से हंसते हुए कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकला था। परिवार को क्या पता था कि अब वह लौटेगा नहीं। उसके मौत की खबर से परिवार के लोगों के पांव के नीचे से जमीन खिसक गई।
उन्हें अस्पताल ले जाने तक यह विश्वास नहीं था कि विकास उन्हें छोड़ चुका है। वहीं, शिवम यादव भी अपने घर में सबसे बड़ा लड़का था। वह चार भाई एक बहन में सबसे बड़ा था। शिवम का परिवार भी काफी गरीब है। बेटे की मौत के बाद से से परिवार के लोगों को रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचने वालों की आंख नम हो जा रही थीं।