सिद्धार्थनगर जिले में होली का त्यौहार एक परिवार के लिए शनिवार को अशुभ हो गया। त्यौहार मनाने अपने बुआ के घर आई किशोरी राप्ती नदी में डूब गई। जबकि उसके साथ गई दूसरी किशोरी को ग्रामीणों ने डूबने के दौरान बचा लिया। घटना की सूचना पाकर शाहपुर चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंच गए थे। स्थानीय गोताखोरों द्वारा देर शाम तक गायब किशोरी की तलाश नदी में की जा रही थी।
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के तराव गांव निवासी मोहन की 16 साल की बेटी नीलम होली का त्यौहार मनाने डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बगहा गांव स्थित अपनी फूफा नंदलाल के घर आई थी। इसके अलावा इटवा थाना क्षेत्र के मानादेई गांव की रहने वाली राधा (15) भी नंदलाल के घर आई थी।
शनिवार को होली खेलने के बाद नीलम और राधा कपड़ा धुलने गांव से सटकर बहने वाली राप्ती नदी के तट पर गई थी। जहां कपड़ा धुलने के दौरान नीलम गहरे पानी में चली गई। तैराकी ना आने के कारण नीलम पानी में डूबने लगी। यह देख राधा उसे बचाने के लिए पानी में घुस गई, जिसके बाद राधा भी पानी में डूबने लगी।
दोनों को नदी में डूबते देख आसपास मौजूद गांव के लोग वहां पहुंच गए। ग्रामीण दोनों को बचाने के लिए नदी में उतर गए। जब तक ग्रामीण वहां पहुंचते नीलम पानी के अंदर समा चुकी थी। वहीं लोग राधा को नदी से बाहर निकाल लिए। जिससे उसकी जान बच गई।
घटना की जानकारी मिलने पर शाहपुर चौकी इंचार्ज भी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर शाम तक नीलम की तलाश की जा रही थी। मगर उसका कहीं कोई अता पता नहीं चल सका था।