शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के जोगीबारी गांव में पुराने जर्जर मकान के नीचे खेल रहे बच्चों को छत भरभरा कर गिर गई। मलबे में दबकर दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि दो बच्चे और बचाव में गई एक महिला जख्मी हो गई। घायल बच्चों का माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। जबकि महिला अस्पताल तक नहीं पहुंची है। घायल दोनों बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। परिवार के लोग शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर रहे हैं। एसओ शोहरतगढ़ परिवार के लोगों से पोस्टमार्टम करवाने के लिए वार्ता कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के जोगीबारी गांव निवासी राधेश्याम गांव में 50 साल पुराना मकान था। उसके जर्जर होने के बाद वह छोड़कर दूसरे स्थान पर जाकर घर बनकर रह रहे हैं। खंडहर में तब्दील हो चुके मकान में बच्चे अकसर खेलने के लिए जाते हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम गांव के ही विशाल (7) पुत्र उमेश, गौतम (8) पुत्र राजनाथ, अनुज (11) पुत्र कैलाश और गौरव (5) पुत्र कैलाश खेल रहे थे। अनाचक मकान छत भरभरा कर गिर गया। और बच्चे मलबे में दब गए। चीख सुनकर बगल में खड़ी गांव की मंजू (४२) पत्नी राजू मौके पर पहुंची और शोर करने के साथ ही मलबे से बच्चों को बाहर निकलने में जुट गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाला।
इसके बाद घायलों को लेकर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां विशाल और गौतम को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन बिना किसी को कुछ बताए लाश लेकर घर चले गए। वहीं घायल दोनों बच्चों को इलाज चल रहा है। जो खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। जबकि घायल मंजू अस्पताल तक नहीं पहुंची है। एसओ शोहरतगढ़ राज कुमार पांडेय ने बताया कि वह गांव में पहुंच गए हैं। परिवार के लोग शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर रहे हैं। पोस्टमार्टम कराने के लिए उनसे वार्ता की जा रही है। इस संबंध में एसपी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने बताया कि मौके पर जा रहे हैं विधिक कार्रवाई की जाएगी।