नियम दरकिनार, बिना पंजीकरण के चल रहे स्कूली वाहन
- टेंपो और मैजिक से ढोए जा रहे हैं स्कूली बच्चे
वाहनों में आग से बचाव के नहीं हैं इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में नियम को दरकिनार कर स्कूली वाहनों का संचालन हो रहा है। कई वाहन तो ऐसे भी हैं जो बिना पंजीकरण के ही चल रहे हैं। वहीं, टेंपो, मैजिक और ई- रिक्शा को स्कूली वाहन के रूप प्रयोग किया जा रहा है।
वाहनों में चार से आठ बच्चों के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन 10 से 15 बच्चों को बैठाया जा रहा है। इन वाहनों में आग से बचाव के इंतजाम भी नहीं है। फर्स्ट एड बॉक्स भी वाहनों में नहीं हैं।
--
अधिकांश टेंपो और मैजिक पर किसी का नाम नहीं
जिले में टेंपो, मैजिक और ई- रिक्शा से बच्चों को स्कूल लाया और घर पहुंचाया जा रहा है। इनमें से अधिकांश पर किसी जिम्मेदार का नाम या मोबाइल नंबर नहीं है। अगर कोई हादसा हो जाए तो कोई जानकारी भी नहीं दे सकता। जिले में ऐसे वाहनों की संख्या 500 से अधिक है।
---
विद्यालय के वाहनों के लिए यह जरूरी
स्कूली वाहन के संचालन के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट होना चाहिए। गाड़ी पीले कलर में हो। उसमें अग्निशमन यंत्र हो। आपातकालीन खिड़की होनी चाहिए। चालक के पास कम से कम तीन वर्ष वाहन चलाने का अनुभव प्रमाण पत्र होना चाहिए। वाहन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक का मोबाइल नंबर हो। चालक के साथ गाइड के रूप में एक परिचालक हो।
---
जिले में इतने स्कूली वाहन का है पंजीकरण
मैजिक आठ सीट- 35
वैन 10-20 सीट- 54
मिनी बस 21-41 सीट-152
बस 24 सीट 18 है
यह पंजीकृत फिट वाहन हैं
...
विभाग घोषित कर चुका है अनफिट
मैजिक आठ सीट- 69
वैन 10-20 सीट- 66
मिनी बस 21-41 सीट- 116
बस 24 सीट 20 है
---
अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच की जाएगी जो नियम के खिलाफ चल रहे हैं। जो शासन की ओर से दिए गए मानक के विपरीत हैं। जांच में गड़बड़ी मिलने पर वाहन स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए जिम्मेदारों को अवगत कराया जाएगा।
- आशुतोष कुमार शुक्ल, एआरटीओ, सिद्धार्थनगर