बेकाबू कार नदी में गिरी, दो की मौत-एक लापता
उसका क्षेत्र के संगलदीप गांव के पास हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
उसका बाजार (सिद्धार्थनगर)। उसका क्षेत्र के संगलदीप टोले में शनिवार को एक अनियंत्रित कार राप्ती नदी में गिर गई। हादसे में एक महिला व एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि 10 साल का एक लड़का लापता हो गया। ग्रामीणों ने ड्राइवर को बचा लिया। गोताखोर उसकी तलाश कर रहे हैं। जानकारी मिलने के बाद डीएम, एसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया।
उसका थानाक्षेत्र के संगलदीप निवासी राजेंद्र के घर गोरखपुर के कैंपियरगंज के मूसावार गांव निवासी गणेश (30) अपने परिजनों के साथ कार से आ रहा था। मंजिल पर पहुंचने से पूर्व ही उसका नियंत्रण खत्म हो गया। ऐसे में कार बगल से गुजर रही राप्ती नदी में जा गिरी। हादसा देखा गांव के लोग बचाव में जुट गए, लेकिन तब तक कैंपियरगंज के मूसावार गांव निवासी रिंकी (25) और संतकबीरनगर के मगहर निवासी निशा (14) की मौत हो चुकी थी, जबकि सुभाष का पुत्र अरुण (10) लापता हो गया। कार रिंकी का पति गणेश चला रहा था। ग्रामीणों ने उसे बचा लिया, मगर भय से वह कहीं चला गया।
एसओ डीसी चौधरी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लापता किशोर की तलाश जारी है। उधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद डीएम दीपक मीणा, एसपी विजय ढुल, एसडीम उमेश चंद्र निगम, सीओ दिलीप सिंह, विधायक प्रतिनिधि सत्यप्रकाश राही तौलन यादव भी मौके पर पहुंचे थे।
खड़ंजा भी होता तो बच सकता था हादसा
टोला संगलदीप बुनियादी सुविधाओं तक को मोहताज
रूपेश कुमार सिंह
उसका बाजार। उसका क्षेत्र के संगलदीप में अगर बुनियादी सुविधाएं होतीं तो शनिवार को राप्ती नदी में कार के गिरने से हुई तीन लोगों की मौत बचाई जा सकती थी। अमरिया ग्राम पंचायत का टोला संगलदीप भौगोलिक दृष्टि से काफी जटिल है। यह गांव राप्ती नदी से चारों तरफ से घिरा है। यहां कच्चे-पक्के 120 घर बने हैं, लेकिन यह टोला बुनियादी सुविधाओं तक के लिए मोहताज है। न जनप्रतिनिधि और न शासन की ओर से कोई पहल हो रही है। यहां के लोग वर्ष के पांच महीने तक बाढ़ से घिरे रहते हैं। नाव के सहारे लोग आते-जाते हैं। बाकी दिनों में लोग नदी के किनारे बनी पगडंडियों का रास्ता अपनाते हैं। ग्रामीण सतीश, हरीश, दिनेश, रमेश का कहना है कि सरकार का ध्यान उनकी समस्याओं की तरफ बिल्कुल नहीं है। कई बार कहने के बाद भी कोई पहल नहीं हो रही। गांव में आने-जाने के लिए खड़ंजा या पक्की सड़क होती तो यह हादसा ही नहीं होता।